रांची: झारखंड में पिछले 26 दिनों से चल रहा छात्रों का आंदोलन फिलहाल खत्म हो गया है। आंदोलन समाप्त करने के साथ ही छात्रों ने सरकार को 2 महीने का समय दिया है। छात्रों ने स्पष्ट किया है कि इस अवधि में झारखंड में हुई विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली के मामलों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
छात्रों का कहना है कि कार्रवाई केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि PGT, लैब असिस्टेंट समेत अन्य परीक्षाओं में सामने आई कथित गड़बड़ियों की भी जांच होनी चाहिए।
26 दिनों बाद खत्म हुआ छात्रों का आंदोलन
झारखंड में अपनी मांगों को लेकर छात्र पिछले 26 दिनों से आंदोलन कर रहे थे। अब छात्रों ने फिलहाल आंदोलन समाप्त करने का फैसला लिया है। हालांकि, आंदोलन खत्म करने के साथ ही उन्होंने सरकार को एक स्पष्ट समयसीमा भी दी है।
छात्रों के मुताबिक सरकार के पास अब 2 महीने का समय है। इस दौरान अगर उनकी मांगों और परीक्षा संबंधी शिकायतों पर ठोस कार्रवाई होती है, तो आगे आंदोलन की जरूरत नहीं होगी।
PGT और लैब असिस्टेंट समेत कई परीक्षाओं पर सवाल
छात्रों ने आरोप लगाया है कि झारखंड में PGT, लैब असिस्टेंट समेत कई परीक्षाओं में धांधली और अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं।
छात्रों की मांग है कि इन सभी मामलों की निष्पक्ष तरीके से जांच हो और अगर किसी स्तर पर गड़बड़ी या अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
सरकार को दिया 2 महीने का समय
आंदोलन खत्म करते हुए छात्रों ने सरकार को दो महीने का अल्टीमेटम दिया है। छात्रों का कहना है कि इस दौरान उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे दोबारा आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे।
छात्रों ने संकेत दिया है कि अगला आंदोलन पहले से ज्यादा व्यापक हो सकता है।
2 महीने बाद फिर रांची पहुंचेंगे छात्र
छात्रों ने कहा है कि अगर दो महीने के भीतर कार्रवाई नहीं हुई, तो झारखंड के अलग-अलग जिलों से छात्र एक बार फिर रांची पहुंचेंगे।
इसके बाद राजधानी रांची में दोबारा धरना और आंदोलन शुरू किया जाएगा। ऐसे में अब सरकार की ओर से आने वाले दो महीनों में क्या कदम उठाए जाते हैं, यह महत्वपूर्ण होगा।
Also Read: NTA की परीक्षा व्यवस्था अब होगी और भी सख्त, जांच के लिए बनेगी चार स्तरीय सिस्टमछात्रों की सरकार से क्या मांग है?
छात्रों की प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
- PGT समेत विभिन्न परीक्षाओं में कथित धांधली की जांच।
- लैब असिस्टेंट परीक्षा से जुड़े मामलों की जांच।
- अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आई शिकायतों पर कार्रवाई।
- दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई।
- परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना।
अब सरकार के अगले कदम पर नजर
26 दिनों तक चले आंदोलन के बाद छात्रों ने फिलहाल धरना समाप्त कर दिया है, लेकिन सरकार के सामने अब दो महीने की समयसीमा है।
छात्रों का कहना है कि अगर इस अवधि में उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है तो वे दोबारा रांची में आंदोलन करेंगे। इस बार राज्य के अलग-अलग जिलों से छात्रों के शामिल होने की बात कही गई है।
ऐसे में झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की कथित धांधली का मुद्दा आने वाले दिनों में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बन सकता है।
नोट: परीक्षा में धांधली और अनियमितता से जुड़े आरोप छात्रों के दावों पर आधारित हैं। संबंधित जांच या आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही आरोपों की अंतिम पुष्टि मानी जाएगी।
वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक। झारखंड, बिहार और राष्ट्रीय राजनीति, शिक्षा, प्रशासनिक मामलों और विकास नीतियों पर 10+ वर्षों का जमीनी पत्रकारिता अनुभव। निष्पक्ष और प्रमाणिक समाचार रिपोर्टिंग के लिए समर्पित।












