Ranchi: सावन की अंतिम सोमवारी को लेकर राजधानी रांची के प्रसिद्ध पहाड़ी मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष तैयारी की गई है। अंतिम सोमवारी के दिन मंदिर के पट तड़के 3:30 बजे खोल दिए जाएंगे। बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए जरूरत पड़ने पर अरघा के माध्यम से बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक कराया जाएगा।
अंतिम सोमवारी पर पहाड़ी मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है। मंदिर प्रबंधन की ओर से दर्शन और जलाभिषेक को व्यवस्थित रखने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
भीड़ बढ़ी तो अरघा से होगा जलाभिषेक
मंदिर प्रबंधन के अनुसार, यदि श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होती है तो अरघा की व्यवस्था की जाएगी। भक्त इसी माध्यम से बाबा का जलाभिषेक कर सकेंगे। इससे मंदिर परिसर में भीड़ को नियंत्रित करने के साथ श्रद्धालुओं को व्यवस्थित और सुगम तरीके से पूजा-अर्चना का अवसर मिलेगा।
अंतिम सोमवारी को देखते हुए मंदिर परिसर में व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
शाम 6 बजे के बाद होगा बाबा का शृंगार
दिनभर पूजा और जलाभिषेक के बाद शाम 6 बजे के बाद मंदिर परिसर की साफ-सफाई की जाएगी। इसके बाद बाबा भोलेनाथ का विशेष शृंगार किया जाएगा। शृंगार संपन्न होने के बाद आरती होगी और श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया जाएगा।
मंदिर प्रबंधन के अनुसार, रात 9 बजे के बाद मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे।
शनिवार को भी पहाड़ी मंदिर में जुटे श्रद्धालु
अंतिम सोमवारी से पहले शनिवार को भी पहाड़ी मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। दोपहर करीब एक बजे तक भक्तों की भीड़ के बीच बाबा का जलाभिषेक जारी रहा। व्यवस्था के तहत दोपहर 1 बजे से 2 बजे तक मंदिर के पट बंद रहे।
दोपहर 2 बजे पट दोबारा खुलने के बाद श्रद्धालुओं ने बाबा का जलाभिषेक किया। शाम को मंदिर की साफ-सफाई के बाद बाबा का शृंगार किया गया। इसके बाद आरती हुई और भक्तों के बीच प्रसाद वितरित किया गया।
कंटेंट राइटर एवं रिपोर्टर, खबर मन्त्र। झारखंड के स्थानीय समाचार, महिला विकास, कला और लाइफस्टाइल खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।








