Ranchi: JPSC-JSSC-CGL परीक्षा विवाद को लेकर झारखंड में छात्र आंदोलन के बीच सियासत तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज ने प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ कथित मारपीट और छात्राओं से बदसलूकी के आरोप लगाते हुए हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधा है।
राफिया नाज ने दावा किया कि अमीषा प्रसाद, सबिता समेत कई छात्र-छात्राओं के साथ मारपीट की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि एक छात्रा का दुपट्टा खींचा गया और छात्रों को JMM के झंडे लगे डंडों से पीटा गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं हो सकी है।
जिन बेटियों को सुरक्षा मिलनी चाहिए, उनके साथ सड़क पर बदसलूकी क्यों
राफिया नाज़ ने कहा कि जिन हाथों में किताब और कलम होनी चाहिए, उन पर चोट के निशान और जिन बेटियों को सुरक्षा मिलनी चाहिए, उनके साथ सड़क पर बदसलूकी क्यों गई?
उन्होंने हेमंत सोरेन से पूछा, “पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ आवाज उठाने, रोजगार और शिक्षा मांगने पर छात्रों को लाठी क्यों मिली? बेटियों की सुरक्षा के बजाय उनका दुपट्टा क्यों खींचा गया? छात्रों को JMM के झंडे लगे डंडों से क्यों पीटा गया?”
उन्होंने कहा कि यह केवल अमीषा और सबिता का विषय नहीं, बल्कि झारखंड के हर छात्र और बेटी के सम्मान तथा भविष्य की लड़ाई है। सत्ता की ताकत से आवाज दबाई जा सकती है, लेकिन युवाओं के सवाल खत्म नहीं किए जा सकते।
झारखंड के छात्रों की पीड़ा राहुल गांधी तक क्यों नहीं पहुंच रही?
राहुल गांधी के ‘गूंज’ कार्यक्रम पर निशाना साधते हुए राफिया नाज़ ने कहा कि यह कार्यक्रम कांग्रेस और राहुल गांधी के आत्मप्रचार का मंच बनकर रह गया है। यदि कांग्रेस सच में युवाओं की आवाज सुनना चाहती है, तो उसे उन छात्रों के बीच खड़ा होना चाहिए,जिनकी आवाज आज झारखंड की सड़कों पर उठ रही है। ‘गूंज’ अगर छात्रों के लिए है, तो झारखंड के छात्रों की पीड़ा राहुल गांधी तक क्यों नहीं पहुंच रही?
उन्होंने कहा कि संविधान और लोकतंत्र की बात मंच से करना आसान है, लेकिन उसकी असली परीक्षा युवाओं के अधिकारों पर चोट के समय होती है। राफिया नाज़ ने राहुल गांधी से सवाल किया, “झारखंड के छात्रों की आवाज आपको क्यों नहीं सुनाई देती? यदि ‘गूंज’ वास्तव में छात्रहित के लिए होती, तो उसमें राहुल गांधी और कांग्रेस के प्रचार से अधिक झारखंड के छात्रों के दर्द, संघर्ष और अधिकारों की आवाज सुनाई देती।”

4 years of experience in journalism. Previously, I worked with organizations such as Swadesh Today, News 11 Bharat, and News 22 Scope. For the past year, I have been working as a content writer at Khabar Mantra.








