नई दिल्ली, 6 नवंबर 2026: भारतीय शेयर बाजार में तेजी का सिलसिला लगातार सातवें कारोबारी दिन भी जारी रहा। सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा चढ़कर 80,000 के स्तर के पार पहुंच गया। वहीं, निफ्टी में भी तेजी देखने को मिली और यह 24,700 के आसपास कारोबार करता नजर आया। करीब आठ महीने बाद सेंसेक्स ने एक बार फिर 80,000 का अहम स्तर पार किया।
बाजार में इस तेजी के पीछे विदेशी निवेशकों की वापसी, कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजे और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी जैसे कारण बताए जा रहे हैं। हालांकि, वैश्विक बाजारों में गिरावट और ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली की आशंका निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
7 दिनों में सेंसेक्स 73,246 से 80,000 के पार पहुंचा
भारतीय शेयर बाजार में 28 अक्टूबर से 6 नवंबर के बीच लगातार तेजी देखने को मिली। इस दौरान सेंसेक्स 73,246 के स्तर से बढ़कर 80,000 के पार पहुंच गया। यानी सात दिनों में इसमें 8% से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई।
5 नवंबर को भी बाजार में जोरदार तेजी रही थी। सेंसेक्स 2,009 अंक यानी 2.6% चढ़कर 79,310 पर बंद हुआ था। यह साल की दूसरी सबसे बड़ी एकदिनी बढ़त बताई गई। इससे पहले 8 अप्रैल को सेंसेक्स में 2,946 अंकों की तेजी आई थी।
विदेशी निवेशकों ने 7 दिन में खरीदे ₹32,210 करोड़ के शेयर
शेयर बाजार में तेजी के दौरान विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII/FPI) की खरीदारी अहम रही। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने पिछले सात दिनों में भारतीय बाजार में 32,210 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की ओर से इसी अवधि में 18,228 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली दर्ज की गई।
| निवेशक श्रेणी | बीते 7 दिनों में शुद्ध खरीदारी/बिकवाली |
| FII/FPI | ₹32,210 करोड़ की खरीदारी |
| DII | ₹18,228 करोड़ की बिकवाली |
नोट: आंकड़े दिए गए बाजार अपडेट पर आधारित हैं। निवेशकों के खरीद-बिक्री संबंधी आंकड़ों में बाद में संशोधन संभव है।
बाजार में तेजी की 3 बड़ी वजहें
विदेशी निवेशकों की वापसी
विदेशी निवेशकों की खरीदारी से बाजार में सकारात्मक माहौल बना है। खासकर बड़े और मजबूत कंपनियों के शेयरों में खरीदारी देखने को मिल रही है।
कंपनियों के बेहतर नतीजे
कई कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। इससे बैंकिंग, फाइनेंशियल और अन्य लार्जकैप शेयरों में तेजी को समर्थन मिला है।
LTCG टैक्स में बदलाव की उम्मीद
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के डॉ. वीके विजयकुमार के मुताबिक, लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स में संभावित बदलाव की उम्मीद भी बाजार की धारणा को प्रभावित कर रही है। हालांकि, टैक्स में किसी बदलाव को आधिकारिक घोषणा के बिना निश्चित नहीं माना जाना चाहिए।
निफ्टी टॉप गेनर्स: बजाज फाइनेंस और श्रीराम फाइनेंस में तेजी
5 नवंबर 2026 के दिए गए बाजार अपडेट के अनुसार, निफ्टी के प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में फाइनेंशियल सेक्टर के शेयर आगे रहे।
| शेयर | बंद भाव | बढ़त | प्रतिशत बदलाव |
| बजाज फाइनेंस | ₹1,070 | ₹76.00 | 7.65% |
| श्रीराम फाइनेंस | ₹964 | ₹55.25 | 6.08% |
| M&M | ₹3,128 | ₹165.60 | 5.59% |
बजाज फाइनेंस और श्रीराम फाइनेंस में मजबूत बढ़त ने बाजार की तेजी को सहारा दिया। वहीं, महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) के शेयर में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली।
निफ्टी टॉप लूजर्स: अपोलो हॉस्पिटल्स, ONGC और NTPC में गिरावट
बाजार में तेजी के बावजूद कुछ प्रमुख शेयर दबाव में रहे। दिए गए आंकड़ों के अनुसार, अपोलो हॉस्पिटल्स, ONGC और NTPC निफ्टी के प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे।
| शेयर | बंद भाव | गिरावट | प्रतिशत बदलाव |
| अपोलो हॉस्पिटल्स | ₹8,371 | ₹228.50 | 2.66% |
| ONGC | ₹230 | ₹5.00 | 2.13% |
| NTPC | ₹317 | ₹5.25 | 1.63% |
ये आंकड़े 5 नवंबर के दिए गए बाजार चार्ट से लिए गए हैं।
एशियाई बाजारों में भारी गिरावट, जापान और दक्षिण कोरिया सबसे ज्यादा प्रभावित
भारतीय बाजार में तेजी के बीच एशियाई बाजारों में कमजोरी दर्ज की गई। उपलब्ध आंकड़ों में दक्षिण कोरिया के कोस्पी और जापान के निक्केई में 5% से ज्यादा की गिरावट दिखाई गई।
| प्रमुख इंडेक्स | स्तर | अंक में बदलाव | प्रतिशत बदलाव |
| कोस्पी (दक्षिण कोरिया) | 5,119 | -246 | -5.20% |
| निक्केई (जापान) | 57,434 | -3,597 | -6.21% |
| हैंगसेंग (हांगकांग) | 24,509 | -288 | -1.06% |
अमेरिकी बाजारों में भी दिए गए आंकड़ों के अनुसार, डाउ जोन्स 3.44%, नैस्डैक 5.52% और S&P 500 में 4.36% की गिरावट दर्ज की गई। इन आंकड़ों की संबंधित कारोबारी सत्र और तारीख से पुष्टि करना जरूरी है।
लार्जकैप शेयरों में आगे भी तेजी की उम्मीद
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के डॉ. वीके विजयकुमार के अनुसार, विदेशी निवेशकों की खरीदारी और शॉर्ट कवरिंग से बड़े शेयरों में रिकवरी जारी रह सकती है। बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर के प्रमुख शेयरों में आगे भी खरीदारी देखने को मिल सकती है।
हालांकि, बाजार के ऊंचे स्तरों पर पहुंचने के बाद घरेलू निवेशक मुनाफावसूली कर सकते हैं। इससे सेंसेक्स और निफ्टी में बीच-बीच में गिरावट या उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
सेंसेक्स के 80,000 के पार पहुंचने से बाजार में उत्साह बढ़ा है, लेकिन केवल तेजी देखकर निवेश का फैसला करना उचित नहीं है। निवेशकों को कंपनी के फंडामेंटल, वैल्यूएशन, बाजार की अस्थिरता और अपनी जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखना चाहिए।
शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों के लिए बाजार में उतार-चढ़ाव का जोखिम बना रह सकता है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय लक्ष्य और निवेश अवधि का आकलन करना जरूरी है।
भारतीय शेयर बाजार में लगातार सात दिनों की तेजी के दौरान सेंसेक्स 80,000 के पार पहुंच गया। विदेशी निवेशकों की खरीदारी और बेहतर कॉरपोरेट नतीजों ने बाजार को समर्थन दिया है। हालांकि, वैश्विक बाजारों की कमजोरी और मुनाफावसूली की आशंका के कारण आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
कंटेंट राइटर एवं रिपोर्टर, खबर मन्त्र। झारखंड के स्थानीय समाचार, महिला विकास, कला और लाइफस्टाइल खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।








