Operation Sindoor: भारतीय सेना और वायुसेना ने एक बार फिर दुनिया को दिखा दिया कि भारत आतंक के खिलाफ सख्त रुख अपनाने में पीछे नहीं हटता। 7 मई 2025 को पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर में आतंकियों के ठिकानों पर की गई सफल एयरस्ट्राइक—‘ऑपरेशन सिंदूर’—की जानकारी जब सामने आई, तो एक खास बात सबकी नज़र में आई: इस ऐतिहासिक प्रेस ब्रीफिंग की कमान दो जांबाज़ महिला अधिकारियों ने संभाली।
कर्नल सोफिया कुरैशी: गुजरात की बहादुर बेटी
गुजरात की रहने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी ने सेना में 1999 में महज 17 साल की उम्र में शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत प्रवेश लिया था। बायोकेमिस्ट्री में पोस्ट ग्रेजुएट यह अधिकारी फिलहाल भारतीय सेना की सिग्नल कॉर्प्स में कार्यरत हैं और संचार व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं।
उनकी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों की बात करें तो पुणे में हुई 18 देशों की संयुक्त सैन्य एक्सरसाइज ‘फोर्स 18’ में उन्होंने 40 सदस्यीय भारतीय दल का नेतृत्व किया था। खास बात यह रही कि वे उस अभ्यास में किसी भी देश की ओर से प्रतिनिधित्व करने वाली एकमात्र महिला सैन्य अधिकारी थीं।
विंग कमांडर व्योमिका सिंह: आसमान की रक्षक
भारतीय वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह भी इस प्रेस ब्रीफिंग का एक महत्वपूर्ण चेहरा बनीं। 18 दिसंबर 2004 को 21 SSC (W) FP कोर्स के तहत वायुसेना में कमीशन पाने वाली व्योमिका एक अनुभवी हेलिकॉप्टर पायलट हैं। उन्होंने अब तक 2500 से अधिक उड़ान घंटे पूरे किए हैं और विभिन्न दुर्गम इलाकों में संचालन किया है।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद, मीडिया को हालात की जानकारी देने के लिए वायुसेना ने उन्हें चुना, जो न केवल उनके सैन्य कौशल को, बल्कि उनके नेतृत्व और आत्मविश्वास को भी दर्शाता है। आज वे वायुसेना में एक प्रेरणादायक महिला अधिकारी के रूप में पहचानी जाती हैं।













