बिरनी/गिरिडीह: बिरनी स्वास्थ्य केंद्र में व्यवस्थाओं की पोल तब खुल गई जब कॉमन रिव्यू मिशनटीम ने डॉ. कमलेश कुमार के नेतृत्व में औचक निरीक्षण किया। राज्य और जिला स्तर की सात सदस्यीय टीम ने जब केंद्र का जायजा लिया, तो अनियमितताओं की लंबी फेहरिस्त सामने आ गई।
सबसे बड़ा झटका स्टोर रूम में मिला, जहां अव्यवस्था का आलम देख टीम भड़क उठी। खिड़कियां टूटी थीं, दवाओं की ठीक से रख-रखाव नहीं हो रही थी, और देखरेख कर रहे कर्मी को ही जमकर फटकार पड़ी। साफ निर्देश दिए गए कि बरसात से पहले हर खिड़की की मरम्मत हो जाए — वरना अगली बार कड़ी कार्रवाई तय है।
डॉ. कमलेश कुमार ने खुलासा किया कि अब भी जन्म दर में असंतुलन है — 1000 लड़कों पर महज 784 लड़कियां। यह साफ संकेत है कि भ्रूण हत्या की समस्या अब भी ज़िंदा है। चेतावनी दी गई कि जो भी भ्रूण हत्या में संलिप्त पाया जाएगा, उस पर तत्काल और कठोर कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के बाद सभी सहिया कर्मियों की बैठक बुलाई गई, जहां दो टूक कहा गया कि जितनी भी डिलीवरी हो, वह स्वास्थ्य केंद्र में ही करवाई जाए और महिलाओं को भ्रूण हत्या से रोकने में सक्रिय भूमिका निभाई जाए। “जब तक लड़का-लड़की बराबर नहीं होंगे, समाज संतुलित नहीं होगा,” यह संदेश स्पष्ट रूप से दिया गया।
मौके पर चिकित्सा प्रभारी ताजुद्दीन अंसारी, बीपीओ जयशंकर प्रसाद, बीडीएम दामोदर वर्मा समेत स्वास्थ्य केंद्र के सभी कर्मी मौजूद रहे।












