गोविंदपुर/धनबाद: अस्पताल में रविवार को प्रसव के दौरान नवजात शिशु की मौत के बाद सोमवार सुबह बरियो गांव के कई लोगों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोविंदपुर में हो हंगामा किया। लोगों का आरोप था कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोविंदपुर में लापरवाही के कारण निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शिशु की मौत हो गई। इस संबंध में गोविंदपुर प्रखंड के टुंडी रोड, बेरियो निवासी रहमतुल्ला अंसारी ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ विशेश्वर कुमार को आवेदन दिया है। उन्होंने आवेदन में कहा है कि वह अपनी पुत्री नाजिया परवीन ( 21 वर्ष) का प्रसव कराने गोविंदपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि दवा का ओवरडोज दिए जाने के कारण शिशु प्रभावित हुआ और मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रसव के साथ ही मौत हो गई। उन्होंने संबंधित डॉक्टर और एएनएम पर कार्रवाई की मांग की। इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ विशेश्वर कुमार ने कहा कि इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती गई है और न ही प्रसूता को यहां से रेफर किया जा रहा था, पर परिजनों ने जबरन रेफर कराया। उन्होंने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोविंदपुर में प्रतिमाह करीब 200 डिलीवरी नि:शुल्क होती है और लापरवाही नहीं बरती जाती है। उन्होंने कहा कि यदि शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज अस्पताल के चिकित्सक यह लिखित देते हैं कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोविंदपुर में लापरवाही बरती गई है, तो उन्हें जो सजा दी जाएगी, वह सहर्ष स्वीकार करेंगे तथा संबंधित चिकित्सक और नर्स एएनएम भी सजा स्वीकार करेगी। उन्होंने कहा कि नर्सिंग होम में मौत पर मुआवजा दे दिया जाता है परंतु सरकारी अस्पताल में मौत पर मुआवजा कहां से दिया जाएगा।












