KhabarMantra: संत जेवियर्स कॉलेज, रांची में गणित एवं सांख्यिकी विभाग तथा आई.क्यू.ए.सी. (IQAC) के संयुक्त तत्वावधान में ‘कांसेप्ट ऑफ डिजाइन थिंकिंग’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों के भीतर नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करना तथा उनके विचारों के क्रियान्वयन में सहायता प्रदान करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, जिसमें कॉलेज के प्राचार्य डॉ. फादर रॉबर्ट प्रदीप कुजूर एसजे एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों ने भाग लिया। अपने उद्घाटन संबोधन में प्राचार्य डॉ. कुजूर ने कहा, “ज्ञान कोई छिपाने की वस्तु नहीं, बल्कि उसे साझा कर जीवन में नई दिशा और गुणवत्ता लाई जा सकती है।”
कार्यशाला में सैमसंग की मार्केटिंग टीम से गौरव त्यागी, समकेंद्रा और राधिका तोमस ने विद्यार्थियों को ‘डिजाइन थिंकिंग’ के महत्व, इसके विभिन्न चरणों तथा नवाचार को व्यावसायिक सफलता में बदलने की रणनीतियों पर प्रकाश डाला। गौरव त्यागी ने विशेष रूप से छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ अपने इनोवेटिव आइडियाज को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
इस दौरान कॉलेज के लगभग 500 छात्रों ने कार्यशाला में भाग लिया और ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यमों से अपने विचार प्रस्तुत किए। इन विचारों को संकलित कर भविष्य की योजनाओं में सम्मिलित करने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित विशिष्ट अतिथियों में डॉ. रमन कुमार दास (विभागाध्यक्ष), बी. के. सिन्हा (परीक्षा नियंत्रक), डॉ. शिव कुमार (IQAC समन्वयक), डॉ. प्रभात केनेडी सोरेंग (रजिस्ट्रार), डॉ. विजय कुमार मेहता, डॉ. मनोज कुमार सिंह, डॉ. पप्पू महतो, राकेश मिश्रा, वीरभद्र सिंह, डॉ. राजेश कुमार सहित अनेक प्राध्यापकगण उपस्थित रहे।
कार्यशाला के अंत में विद्यार्थियों एवं अतिथियों द्वारा विचार साझा किए गए, जिससे यह आयोजन नवाचार और शिक्षण के समन्वय की दिशा में एक सार्थक कदम सिद्ध हुआ।












