झारखंड के साहिबगंज से अर्पिता सरकार गिरफ्तार, संदिग्ध आतंकी हमीम मंडल से जुड़े ‘हनीट्रैप’ नेटवर्क की जांच तेज
पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने झारखंड के साहिबगंज से अर्पिता सरकार को गिरफ्तार किया है। उस पर संदिग्ध आतंकी हमीम मंडल के नेटवर्क से जुड़े होने और कथित हनीट्रैप के जरिए संवेदनशील जानकारी जुटाने का आरोप है। मामले की जांच जारी है।
साहिबगंज/दुर्गापुर: पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने संदिग्ध आतंकी गतिविधियों की जांच के तहत झारखंड के साहिबगंज से अर्पिता सरकार को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, अर्पिता का नाम बर्दवान से गिरफ्तार किए गए संदिग्ध हमीम मंडल से पूछताछ के दौरान सामने आया था। इसके बाद एसटीएफ की टीम ने शुक्रवार रात साहिबगंज में कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए पश्चिम बंगाल ले गई।
सूत्रों के मुताबिक, शनिवार को अर्पिता सरकार को अदालत में पेश किया जाएगा, जहां जांच एजेंसी उसकी रिमांड की मांग कर सकती है।
हमीम मंडल से पूछताछ में सामने आया नाम
एसटीएफ के अनुसार, बर्दवान से गिरफ्तार हमीम मंडल से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां मिलीं, जिनमें अर्पिता सरकार की कथित भूमिका भी सामने आई। इसी आधार पर झारखंड में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया गया। अब जांच एजेंसियां दोनों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करने की तैयारी कर रही हैं, ताकि पूरे नेटवर्क और उसके संपर्कों की जानकारी जुटाई जा सके।
‘हनीट्रैप‘ के जरिए संवेदनशील जानकारी जुटाने का आरोप
जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि अर्पिता सरकार का इस्तेमाल कथित तौर पर ‘हनीट्रैप’ के जरिए प्रभावशाली लोगों, अधिकारियों और नौकरशाहों से संपर्क स्थापित कर संवेदनशील और गोपनीय जानकारियां हासिल करने के लिए किया जाता था।
हालांकि, यह दावा फिलहाल जांच एजेंसियों की प्रारंभिक जांच का हिस्सा है और इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
पहले बर्दवान से गिरफ्तार हुआ था हमीम मंडल
इससे पहले शुक्रवार को एसटीएफ ने पश्चिम बंगाल के बर्दवान स्थित रेनेसां कॉम्प्लेक्स से हमीम मंडल को गिरफ्तार किया था। अदालत ने उसे 14 दिनों की एसटीएफ हिरासत में भेज दिया है।
जांच एजेंसियों का कहना है कि पूर्व बर्दवान के कुसुमग्राम निवासी हमीम हावड़ा में रेडीमेड कपड़ों के कारखाने में काम करने की आड़ में कथित राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल था।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की हो रही फोरेंसिक जांच
एसटीएफ के अनुसार, हमीम मंडल के मोबाइल फोन और लैपटॉप से कई महत्वपूर्ण डिजिटल इनपुट मिले हैं। प्रारंभिक जांच में उसके तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े होने की आशंका जताई गई है।
जांच एजेंसियों का यह भी दावा है कि वह भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कुछ प्रमुख नेताओं की गतिविधियों पर नजर रख रहा था। प्रारंभिक जांच में पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी की आवाजाही से जुड़ी जानकारी जुटाने की भी बात सामने आई है।
हालांकि, इन सभी पहलुओं की पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी।
शुभेंदु अधिकारी ने जताई चिंता
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताया। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की पुष्टि होती है, तो इसकी व्यापक और निष्पक्ष जांच जरूरी है।
जांच अभी जारी
फिलहाल एसटीएफ हमीम मंडल और अर्पिता सरकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच कर रही है। एजेंसियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क, उसके संभावित संपर्कों और कथित साजिश की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
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