Ranchi: झारखंड के भैरव सिंह ने अपनी गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताते हुए झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने अदालत से तत्काल रिहाई (Immediate Release) की मांग की है। याचिका में भैरव सिंह ने तर्क दिया है कि उनकी गिरफ्तारी भारतीय संविधान के अनुच्छेद 22(1) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) 2023 की धारा 47 का उल्लंघन करती है।
क्या है मामला?
भैरव सिंह को 19 जुलाई को रांची के चुटिया थाना क्षेत्र में दर्ज एक पुराने मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने 25 मई को स्मार्ट बाजार की पार्किंग में एक व्यक्ति के साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।
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गिरफ्तारी में नियमों की अनदेखी का आरोप
याचिका में भैरव सिंह ने दावा किया कि उनकी गिरफ्तारी के दौरान कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि न तो उन्हें और न ही उनके परिजनों को गिरफ्तारी की सूचना दी गई और न ही कोई वारंट दिखाया गया।
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अदालत से तत्काल सुनवाई की अपील
भैरव सिंह ने अदालत से उनकी गिरफ्तारी को “विधि विरुद्ध” करार देने और तुरंत रिहाई का आदेश देने की गुहार लगाई है। इस मामले में झारखंड हाईकोर्ट जल्द सुनवाई कर सकता है।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
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