रांची: हूल दिवस पर साहिबगंज जिले के बरहेट प्रखंड स्थित भोगनाडीह में हुए बवाल मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. गोड्डा पुलिस ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिनसे पूछताछ के बाद कई अहम जानकारियाँ सामने आई हैं. पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार किए गए युवकों के पास से अवैध हथियार और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद हुए हैं.
गोड्डा एसपी ने प्रेस वार्ता कर बताया कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी नगर थाना क्षेत्र से हुई है. इनके पास से तीन अवैध हथियार जब्त किए गए हैं. पूछताछ में सामने आया कि दोनों का राजनीतिक रसूख काफी मजबूत है और भोगनाडीह में बवाल की योजना एक सोची-समझी रणनीति के तहत रची गई थी.
तेज हुई सियासी बयानबाजी
इस पूरे मामले में अब सियासी बयानबाज़ी भी तेज हो गई है. झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के प्रवक्ता मनोज पांडेय ने इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, इस बात की पुष्टि नहीं है कि गिरफ्तार युवक मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के निजी सहायक हैं या नहीं, लेकिन इतना तय है कि ये दोनों बीजेपी से जुड़े हुए लोग हैं. सिरम टोली फ्लाईओवर और अब भोगनाडीह दोनों मामलों में एक जैसी साजिशें दिख रही हैं. बीजेपी पहले भी इस तरह के छुपे एजेंडे पर काम करती रही है.
भाजपा के प्रवक्ता अजय शाह ने इन आरोपों को बताया गलत
वहीं, भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता अजय शाह ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, राज्य सरकार की हर असफलता को बीजेपी से जोड़ने की आदत बन चुकी है. स्टूडेंट प्रोटेस्ट हो या सिरम टोली का मुद्दा हर जगह हमें ही निशाना बनाया गया. भोगनाडीह में हुई घटना में भी सरकार अपनी विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए विपक्ष पर दोष मढ़ रही है. उन्होंने कहा कि भाजपा पुलिस जांच में पूरा सहयोग करेगी, लेकिन यह भी सच है कि डीजीपी स्तर से पहले ही आगाह किया गया था कि सरकार विपक्ष को फंसाने की योजना पर काम कर रही है.
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उल्लेखनीय है कि सोमवार को हूल दिवस के अवसर पर सीदो-कान्हू पार्क में पूजा कार्यक्रम के दौरान शहीदों के वंशजों और पुलिस के बीच झड़प हो गई थी. इस दौरान आदिवासियों ने तीर-धनुष से हमला किया, जिसके जवाब में पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा. इसी झड़प के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की, जिसके बाद गोड्डा से गिरफ्तारियां












