Bihar News: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है. सरकार ने प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत लगभग 4 लाख महिला कर्मियों को उनके कार्यालय के पास ही आवास उपलब्ध कराने का प्रस्ताव पारित किया है. यह मकान निजी मालिकों से लीज पर लिए जाएंगे, जिससे महिला कर्मचारियों को सुरक्षित और सुलभ आवास मिल सके.
महिला पुलिस, शिक्षिकाएं और अन्य कर्मियों को होगा लाभ
कैबिनेट के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने बताया कि महिला कर्मियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, और उन्हें मुख्यालय से लेकर क्षेत्रीय कार्यालयों तक पदस्थापित किया जा रहा है. लेकिन अभी तक उन्हें रहने के लिए उचित आवास नहीं मिल पाता, जिससे उन्हें कई प्रकार की असुविधाएं और सुरक्षा चिंताएं होती हैं. यही देखते हुए यह नई आवास नीति बनाई गई है.
डीएम की अध्यक्षता में बनेगी कमेटी
जिलों में डीएम की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई जाएगी जो इच्छुक मकान मालिकों से Expression of Interest (EOI) आमंत्रित करेगी. कमेटी सुरक्षा, बिजली, पानी और शौचालय जैसी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए मकानों का चयन करेगी और लीज एग्रीमेंट तय करेगी.
महिला कर्मी कर सकेंगी आवेदन, HRA नहीं मिलेगा
महिला कर्मियों को इस सुविधा का लाभ लेने के लिए अपने विभागीय कार्यालय प्रमुख के माध्यम से आवेदन करना होगा. एक बार आवास मिलने के बाद उन्हें हाउस रेंट अलाउंस (HRA) नहीं मिलेगा. यदि महिला कर्मी को किसी प्रकार की शिकायत होती है, तो उसका समाधान अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) के स्तर पर किया जाएगा.













