रांची: झारखंड आंदोलन के प्रमुख चेहरों में रहे बिनोद बिहारी महतो की जयंती पर बुधवार को आजसू पार्टी ने रांची और सिल्ली में कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें याद किया। इसी दिन उनके बेटे और पूर्व सांसद-विधायक राज किशोर महतो की भी जयंती होती है। दोनों नेताओं को श्रद्धांजलि देने के साथ आजसू अध्यक्ष सुदेश महतो ने झारखंड के युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी बात रखी।
सुदेश महतो ने कहा कि बिनोद बिहारी महतो जिस झारखंड की कल्पना करते थे, उसमें शिक्षा सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं थी, बल्कि समाज को आगे बढ़ाने का माध्यम थी। उनके मुताबिक रोजगार, सामाजिक न्याय, स्वाभिमान और आम लोगों के अधिकार भी उस सोच का अहम हिस्सा थे।
आजसू अध्यक्ष ने कहा कि राज्य बनने के इतने साल बाद भी युवाओं के सामने रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर कई सवाल खड़े हैं। उन्होंने परीक्षा में कथित गड़बड़ी, पेपर लीक और भ्रष्टाचार से जुड़ी खबरों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं का असर सीधे उन युवाओं पर पड़ता है, जो सालों तक तैयारी करते हैं।
परीक्षा व्यवस्था को लेकर उठाए सवाल
सुदेश महतो ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं की मेहनत और समय को गंभीरता से लेना होगा। अगर किसी परीक्षा की प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप सामने आते हैं तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता की जरूरत पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि युवाओं को नौकरी के लिए मेहनत करने के बाद कम से कम एक निष्पक्ष और भरोसेमंद व्यवस्था मिलनी चाहिए।
‘पढ़ो और लड़ो’ के संदेश को किया याद
बिनोद बिहारी महतो का जन्म 23 सितंबर 1923 को धनबाद जिले के बलियापुर प्रखंड के बड़ादाहा गांव में हुआ था। शिक्षा को सामाजिक बदलाव से जोड़ने और झारखंड आंदोलन में उनकी भूमिका के कारण उन्हें राज्य के राजनीतिक-सामाजिक इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान दिया जाता है। उनका चर्चित संदेश ‘पढ़ो और लड़ो’ आज भी उनके विचारों के साथ याद किया जाता है।
सुदेश महतो ने कहा कि बिनोद बाबू के विचारों को केवल जयंती और श्रद्धांजलि कार्यक्रमों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें जमीन पर उतारने की जरूरत है। इसके लिए शिक्षा की गुणवत्ता, रोजगार के अवसर और सरकारी नियुक्तियों में पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर काम करना जरूरी है।
राज किशोर महतो को भी दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम में पूर्व सांसद और विधायक राज किशोर महतो को भी याद किया गया। उनका जन्म 23 सितंबर 1946 को हुआ था। वह गिरिडीह से लोकसभा सांसद रहे और 2014 में आजसू पार्टी के टिकट पर टुंडी से विधायक चुने गए थे।
सिल्ली में हुए कार्यक्रम में पार्टी के केंद्रीय संगठन सचिव जयपाल सिंह, केंद्रीय सचिव सुशील महतो, रांची जिला परिषद उपाध्यक्ष वीणा चौधरी, सिल्ली प्रखंड प्रमुख जितेंद्र बड़ाइक और झारखंड आंदोलनकारी लक्ष्मी महतो समेत कई लोग मौजूद रहे।
वहीं रांची स्थित आजसू पार्टी मुख्यालय में भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम हुआ। इसमें पार्टी के बुद्धिजीवी मंच के महासचिव मुकुंद चंद्र मेहता, प्रवक्ता ज्ञान सिन्हा, केंद्रीय सचिव हरीश कुमार, केंद्रीय मीडिया संयोजक परवाज़ खान और आजसू छात्रसंघ के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा समेत कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दोनों नेताओं के योगदान को याद किया। सुदेश महतो ने कहा कि शिक्षा, रोजगार और पारदर्शी व्यवस्था को मजबूत किए बिना उस झारखंड की कल्पना पूरी नहीं होगी, जिसकी नींव के लिए बिनोद बिहारी महतो जैसे नेताओं ने संघर्ष किया था।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
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