रांची: MMDR संशोधन अधिनियम को लेकर कांग्रेस के विरोध पर भाजपा ने तीखा पलटवार किया है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अशोक बड़ाईक ने पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कांग्रेस नेता सुबोध कांत सहाय के आरोपों को राजनीतिक भ्रम फैलाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यदि झारखंड के खनिज राजस्व और राज्य के अधिकारों की चिंता है, तो उसे तथ्यों और दस्तावेजों के साथ अपनी बात जनता के सामने रखनी चाहिए।
अशोक बड़ाईक ने कहा कि MMDR संशोधन किसी एक राज्य को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि देश के खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर नियमन के उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने कांग्रेस के उस दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें करीब 14 हजार करोड़ रुपये के संभावित राजस्व का जिक्र किया जा रहा है।
‘14 हजार करोड़ का आंकड़ा किस आधार पर?’
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि 14 हजार करोड़ रुपये के संभावित राजस्व का आंकड़ा किस आधार पर तैयार किया गया है। वास्तविक वसूली कितनी होगी और इस राशि का MMDR संशोधन से कानूनी संबंध क्या है, यह भी जनता को बताया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि केवल किसी बड़ी राशि का उल्लेख कर देने से वह सुनिश्चित या संवैधानिक राजस्व नहीं बन जाती। जनता को राजनीतिक आरोपों के बजाय वास्तविक आंकड़े और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जानी चाहिए।
‘राज्यों का खनिज राजस्व सुरक्षित’
अशोक बड़ाईक ने दावा किया कि केंद्र सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि खनिज क्षेत्र से मिलने वाले राजस्व का बड़ा हिस्सा राज्यों को प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे में कांग्रेस का यह कहना कि केंद्र सरकार झारखंड का पूरा खनिज राजस्व अपने पास ले जाएगी, भ्रामक है।
उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि यदि राज्य को मिलने वाला वैधानिक राजस्व सुरक्षित है, तो जनता के बीच भ्रम की स्थिति क्यों पैदा की जा रही है।
DMF के इस्तेमाल पर भी उठाए सवाल
भाजपा प्रवक्ता ने खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास को लेकर भी कांग्रेस से सवाल किया। उन्होंने कहा कि धनबाद, चतरा, हजारीबाग समेत अन्य खनन क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और पुनर्वास की स्थिति पर सरकार और राजनीतिक दलों को जवाब देना चाहिए।
उन्होंने DMF यानी District Mineral Foundation के तहत मिलने वाली राशि के इस्तेमाल को लेकर भी पारदर्शिता की मांग की। बड़ाईक ने कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि खनिज से मिलने वाले राजस्व का कितना हिस्सा वास्तव में खनन प्रभावित इलाकों के विकास पर खर्च हुआ।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भी कांग्रेस को घेरा
अशोक बड़ाईक ने कांग्रेस नेताओं द्वारा सुप्रीम कोर्ट के 2024 के फैसले का हवाला दिए जाने पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हुए कानून में आवश्यक स्पष्टता और समान व्यवस्था सुनिश्चित करना संघीय ढांचे पर हमला नहीं माना जा सकता।
उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस को लगता है कि MMDR संशोधन संविधान के खिलाफ है, तो उसे संसद और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से अपनी आपत्ति दर्ज करानी चाहिए। उनके अनुसार, राजनीतिक मंचों से यह दावा करना कि झारखंड का पूरा खनिज राजस्व दिल्ली चला जाएगा, जनता को भ्रमित करने जैसा है।
अवैध खनन को लेकर कांग्रेस पर गंभीर आरोप
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए झारखंड में अवैध खनन और कोयला कारोबार का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सवाल किया कि धनबाद, चतरा, हजारीबाग और अन्य खनन क्षेत्रों में लंबे समय से चल रहे कथित अवैध खनन और कोयला कारोबार के खिलाफ कांग्रेस की सरकारों ने क्या ठोस कार्रवाई की।
बड़ाईक ने आरोप लगाया कि अवैध कोयला कारोबार, सिंडिकेट और कथित खनिज माफिया के खिलाफ कार्रवाई तेज होने पर कांग्रेस और झामुमो बेचैन हो जाते हैं। हालांकि, ये आरोप भाजपा प्रवक्ता के हैं और इनके समर्थन में उन्होंने इस बयान में कोई विशिष्ट दस्तावेज या नया आंकड़ा प्रस्तुत नहीं किया।
कोयले पर सेस को लेकर राज्य सरकार पर निशाना
अशोक बड़ाईक ने झारखंड में कोयले पर लगाए गए सेस और अन्य उपकरों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इसका असर उद्योग और रोजगार पर पड़ सकता है। उन्होंने कांग्रेस से पूछा कि यदि वह उद्योग, रोजगार और राज्य के आर्थिक हितों की बात करती है, तो राज्य सरकार के कर और उपकर ढांचे पर भी अपनी स्थिति स्पष्ट करे।
उन्होंने कांग्रेस पर ‘दोहरी राजनीति’ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ केंद्र से अधिक राजस्व की मांग की जाती है, वहीं दूसरी तरफ राज्य में ऐसे कर और उपकर लगाए जाते हैं, जिससे उद्योगों की लागत बढ़ती है।
JPSC-JSSC विवाद भी बयान में उठा
भाजपा प्रवक्ता ने अपने बयान में JPSC-JSSC परीक्षाओं और छात्रों के आंदोलन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने इन मामलों में शुरू से CBI जांच की मांग की, जबकि कांग्रेस और झामुमो पर छात्रों के आंदोलन को कमजोर करने का आरोप लगाया।
बड़ाईक ने कहा कि जो राजनीतिक दल युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सवालों का सामना कर रहे हैं, उन्हें आज खनिज संपदा और आर्थिक अधिकारों का सबसे बड़ा प्रहरी बनने से पहले अपने रिकॉर्ड पर भी जवाब देना चाहिए।
‘कानून की हर धारा पर बहस के लिए तैयार’
अशोक बड़ाईक ने कहा कि कांग्रेस चाहे दस सवाल पूछे या सौ, भाजपा जनता के बीच जाकर MMDR कानून, राज्य के राजस्व, खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता और अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई से जुड़े तथ्यों को सामने रखेगी।
उन्होंने कांग्रेस और झामुमो को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनका विरोध वास्तव में झारखंड के हित में है, तो वे MMDR संशोधन की एक-एक धारा पर तथ्यात्मक बहस करें। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि विरोध का उद्देश्य अवैध खनन और भ्रष्टाचार के पुराने रास्तों को बचाना है, तो भाजपा इसका विरोध करेगी।
अशोक बड़ाईक ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा पर पहला अधिकार राज्य की जनता का है और भाजपा चाहती है कि इस संपदा से मिलने वाला लाभ जनता तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि भाजपा पारदर्शी व्यवस्था, वैधानिक राजस्व और विकास की बात करती है, जबकि कांग्रेस और झामुमो का विरोध उनके अनुसार राजनीतिक आरोपों तक सीमित है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता और व्यवस्थित व्यवस्था बनाने की दिशा में काम कर रही है। अब MMDR को लेकर अंतिम राजनीतिक फैसला आरोप-प्रत्यारोप से नहीं, बल्कि कानून के प्रावधानों और जनता के सामने रखे गए तथ्यों से होगा।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
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