Kedarnath Yatra: बारिश के बाद केदारनाथ पैदल मार्ग पर भारी बारिश के बाद मलबा गिर गया जिससे रास्ता बाधित हो गया . जिसके वजह से एक शख्स की मौत हो गयी है . मौजूदा स्तिथि को देखते हुए अभी यात्रा को स्थगित करने का आदेश दिया गया है तथा बचाव कार्य पुरे मार्ग में जारी हैं .
आखिर क्या इस रूकावट की वजह ?
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग ज़िले में स्थित केदारनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को एक बार फिर प्रकृति के कहर का सामना करना पड़ा है। केदारघाटी में लगातार हो रही मूसलधार बारिश के कारण केदारनाथ जाने वाले पैदल मार्ग पर भारी मात्रा में मलबा आ गया, जिससे रास्ता आंशिक रूप से अवरुद्ध हो गया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, बारिश के बाद आए इस मलबे की चपेट में एक श्रद्धालु आ गया जिसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में दो अन्य श्रद्धालु भी घायल हो गए हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में भेजा गया है। हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन और राहत दलों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, लेकिन मौसम की विकट परिस्थितियों के चलते राहत कार्यों में भी बाधा आ रही है।
केदारनाथ में बढ़ाये गए सुरक्षा इंतज़ाम…
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सोनप्रयाग से केदारनाथ धाम तक की पैदल यात्रा को अग्रिम आदेश तक स्थगित कर दिया है। इस निर्णय के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु सोनप्रयाग और आसपास के क्षेत्रों में फंस गए हैं। भक्तों को आश्रय स्थलों में रोका जा रहा है और प्रशासन द्वारा भोजन व चिकित्सा जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।स्थानीय प्रशासन ने मौसम को देखते हुए लोगों से अपील की है कि वे मौसम की जानकारी प्राप्त किए बिना यात्रा पर न निकलें और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें। वहीं मौसम विभाग ने आगामी 48 घंटों तक पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई है, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
read more:India में फिरसे बढ़ा कोरोना का खतरा: जानिए कोरोना से बचने के घरेलू उपाय
यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा के जोखिमों और सतर्कता की आवश्यकता को उजागर करता है। बाबा केदार के दर्शनों के लिए आए श्रद्धालु अब प्रकृति के शांत होने का इंतज़ार कर रहे हैं, ताकि एक बार फिर से आस्था की यह यात्रा सुरक्षित रूप से













