Breaking News: स्वर्णरेखा तट पर दोबारा मिला विशाल बम
Breaking News: झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा थाना क्षेत्र में एक बार फिर दहशत का माहौल है। स्वर्णरेखा नदी के किनारे पानीपड़ा-नागुड़साई में लगभग 227 किलो का एक विशालकाय बम मिला है। ग्रामीणों द्वारा सूचना दिए जाने के बाद प्रशासन सतर्क हो गया और भारतीय सेना की विशेष बम निरोधक टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
सेना की क्या है तैयारी
सेना की टीम ने प्रारंभिक जांच और मापी की प्रक्रिया पूरी कर ली है। अधिकारियों के अनुसार बम की स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट संबंधित विभाग को भेजी गई है। रिपोर्ट के आधार पर अंतिम विसर्जन (Controlled Explosion) की तारीख तय होगी। सुरक्षा के लिहाज से 10×10 फीट का गहरा गड्ढा खोदकर और उसे बालू की बोरियों से ढंककर धमाके के प्रभाव को कम किया जाएगा।
द्वितीय विश्व युद्ध से गहरा नाता
यह पहली बार नहीं है जब इस क्षेत्र में बम मिले हैं। 17 मार्च को भी इसी इलाके में दो बम मिले थे जिन्हें सेना ने नष्ट किया था। दरअसल, बहरागोड़ा और चाकुलिया का यह क्षेत्र द्वितीय विश्व युद्ध (1939-1945) के दौरान ब्रिटिश और अमेरिकी एयरफोर्स (USAF) का एक रणनीतिक बेस था। 1942-43 के दौरान यहाँ भारी बमवर्षक विमानों के लिए हवाई पट्टियाँ बनाई गई थीं। इस इलाके का उपयोग बमों के भंडारण, ईंधन डिपो और मरम्मत केंद्र के रूप में होता था।
युद्ध समाप्त होने के बाद, बचे हुए बमों को जमीन में दबा दिया गया था या नदी में विसर्जित कर दिया गया था, जो अब धीरे-धीरे सतह पर आ रहे हैं।
ग्रामीणों में दहशत और प्रशासनिक अपील
लगातार बम मिलने से स्थानीय लोग डरे हुए हैं। प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और लोगों को घटनास्थल से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है। सुरक्षा बलों द्वारा पूरे इलाके की निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी घटना को रोका जा सके।












