Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी ने आगामी जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की जातिगत पहचान स्पष्ट रूप से दर्ज करने और इसके लिए अलग कोड की व्यवस्था करने की मांग की है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि OBC की वास्तविक आबादी का वैज्ञानिक और प्रमाणिक आंकड़ा सामने आने के बाद ही पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण, कल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक हिस्सेदारी से जुड़े फैसले प्रभावी तरीके से लिए जा सकेंगे।
कांग्रेस भवन, रांची में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में केशव महतो कमलेश और कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने जातिगत जनगणना समेत पिछड़े वर्गों से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार से स्पष्ट व्यवस्था करने की मांग की।
OBC के लिए अलग कोड की मांग
केशव महतो कमलेश ने कहा कि जनगणना के पहले चरण में मकानों की गणना पूरी हो चुकी है और अब व्यक्तियों की गणना की प्रक्रिया होनी है। ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि जनगणना में OBC की जातिगत पहचान और उनकी संख्या स्पष्ट रूप से दर्ज हो।
उन्होंने मांग की कि SC और ST की तरह OBC के लिए भी जनगणना प्रपत्र में अलग पहचान और अलग कोड दिया जाए। साथ ही राज्यों में मान्य पिछड़ा वर्ग की जातियों को सूचीबद्ध कर जनगणना में दर्ज करने की व्यवस्था होनी चाहिए।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि झारखंड जैसे राज्यों में जातिगत जनगणना के आंकड़े सामाजिक और आर्थिक नीतियों के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं। उनके मुताबिक पिछड़े वर्गों की बड़ी आबादी होने के बावजूद उन्हें उनकी जनसंख्या के अनुपात में अधिकार और हिस्सेदारी नहीं मिल पा रही है।
झारखंड के सात जिलों में OBC आरक्षण शून्य होने का मुद्दा
केशव महतो कमलेश ने मंडल आयोग की सिफारिशों के आधार पर OBC के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण का उल्लेख करते हुए कहा कि झारखंड में पिछड़े वर्गों को इसका पूरा लाभ नहीं मिल रहा है।
उन्होंने दावा किया कि राज्य के सात जिलों में पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण शून्य है। कांग्रेस ने इसे सामाजिक न्याय के नजरिए से गंभीर मुद्दा बताते हुए जातिगत आंकड़ों को स्पष्ट करने की जरूरत पर जोर दिया।
प्रदीप यादव ने जनगणना की प्रक्रिया पर उठाए सवाल
कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने कहा कि इस बार जाति दर्ज करने की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल हैं। उनके मुताबिक पूर्व निर्धारित ड्रॉपडाउन सूची या OBC के लिए अलग कॉलम उपलब्ध कराने के बजाय व्यक्ति द्वारा स्वयं घोषित जाति दर्ज करने के लिए खुला कॉलम रखा गया है।
प्रदीप यादव ने 2011 की सामाजिक-आर्थिक एवं जातिगत जनगणना (SECC) के जातिगत आंकड़ों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों को सार्वजनिक नहीं किया गया था और बाद में केंद्र सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामों में तकनीकी समस्याओं और विसंगतियों का उल्लेख किया गया था।
उन्होंने कहा कि अगर आगामी जनगणना में जातिगत पहचान दर्ज करने की प्रक्रिया स्पष्ट और वैज्ञानिक नहीं रही तो भविष्य में आंकड़ों की विश्वसनीयता को लेकर फिर सवाल खड़े हो सकते हैं।
‘सही आंकड़ों के बिना प्रभावी नीति बनाना मुश्किल’
प्रदीप यादव ने कहा कि OBC की वास्तविक जनसंख्या और उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति के प्रमाणिक आंकड़े उपलब्ध होने जरूरी हैं। इसके बिना आरक्षण, कल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक न्याय से जुड़ी नीतियां वास्तविक जरूरतों के अनुरूप तैयार करना मुश्किल होगा।
उन्होंने कहा कि जातिगत जनगणना केवल आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि सामाजिक न्याय, समान अवसर और विभिन्न वर्गों की उचित भागीदारी सुनिश्चित करने का आधार भी है।
16 सितंबर को राजभवन मार्च करेगी OBC कांग्रेस
केशव महतो कमलेश ने बताया कि OBC की जातिगत पहचान और अलग कोड की मांग को लेकर 16 सितंबर को बापू वाटिका से राजभवन तक मार्च निकाला जाएगा। इसके बाद राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
उन्होंने कहा कि MMDR कानून, खनिज संसाधनों से जुड़े मुद्दों और चंदा चोरी के विरोध में 26 सितंबर को शहीद चौक से राजभवन तक मार्च निकाला जाएगा। कांग्रेस के अनुसार, इसके बाद 5 से 10 अक्टूबर तक सभी प्रखंड मुख्यालयों पर विरोध-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।
निशांत जायसवाल ने भी उठाई OBC हिस्सेदारी की मांग
नवनियुक्त OBC प्रदेश अध्यक्ष निशांत जायसवाल ने कहा कि पिछड़े वर्गों को उनकी जनसंख्या के अनुरूप सामाजिक, राजनीतिक, शैक्षणिक और आर्थिक हिस्सेदारी मिलना जरूरी है। उन्होंने केंद्र सरकार से आगामी जनगणना में OBC की स्पष्ट जातिगत पहचान और विशेष कोड की व्यवस्था करने की मांग की।
प्रेस वार्ता में प्रदेश कांग्रेस कमिटी के उपाध्यक्ष सह मीडिया चेयरमैन सतीश पौल मुंजनी, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रदेश संयोजक डॉ. तौसीफ, सोशल मीडिया अध्यक्ष गजेंद्र सिंह, प्रदेश प्रवक्ता उज्जवल प्रकाश तिवारी और प्रदेश महासचिव राकेश किरण महतो समेत अन्य नेता मौजूद रहे।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
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