CBSE और JAC ने कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए पंजीकरण और परीक्षा फॉर्म प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब से, छात्रों को बोर्ड परीक्षाओं के लिए पात्र होने हेतु आधार-आधारित स्थायी शैक्षणिक रजिस्ट्री (एपीएआर आईडी) और स्थायी शिक्षा संख्या (पैन) प्रस्तुत करना होगा।
अपार आईडी और पैन नंबर अनिवार्य
सीबीएसई के अनुसार, अब छात्र की एपीएआर आईडी दर्ज करने के बाद ही उम्मीदवारों की सूची (एलओसी) जमा करना संभव होगा। लेकिन चूँकि यह पहली बार किया जा रहा है, इसलिए जिन छात्रों की एपीएआर आईडी अभी तक नहीं बनी है, उन्हें परीक्षा फॉर्म भरने से मना नहीं किया जाएगा। ऐसे छात्रों के मामले में, स्कूल प्रशासन को छात्र की स्थिति स्पष्ट करनी होगी। इसके विपरीत, झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने भी पंजीकरण और परीक्षा फॉर्म में पैन नंबर और संस्थान का यू-डायस प्लस कोड अनिवार्य करके एक बड़ा कदम उठाया है। अब सिर्फ़ यू-डायस कोड से काम नहीं चलेगा। JAC ने यह भी स्पष्ट किया है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से छात्रों का पंजीकरण पूरी तरह से पैन नंबर के आधार पर होगा। इसके अतिरिक्त, बोर्ड परीक्षाओं में बैठने के लिए न्यूनतम 75% उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है।
परीक्षा शुल्क में बढ़ोतरी
काउंसिल ने परीक्षाओं के शुल्क ढांचे में भी बदलाव किया है। अगले सत्र से, कक्षा 10 और 12 के छात्रों को पिछले वर्षों की तुलना में ज़्यादा शुल्क देना होगा। सैद्धांतिक विषय की फीस ₹300 से बढ़ाकर ₹320 कर दी गई है, जबकि प्रायोगिक विषय की फीस ₹150 से बढ़ाकर ₹160 कर दी गई है। इस प्रकार पाँच विषयों के लिए ₹1,500 की बजाय ₹1,600 शुल्क देना होगा।
महत्वपूर्ण तिथियां
जमा करने की अंतिम तिथि भी घोषित कर दी गई है। कक्षा 10 और 12 के लिए LOC बिना किसी विलंब शुल्क के 30 सितंबर, 2025 तक जमा किया जा सकता है, जबकि 3 से 11 अक्टूबर, 2025 के बीच विलंब शुल्क लिया जाएगा। कक्षा 9 और 11 के लिए बिना किसी जुर्माने के 16 अक्टूबर, 2025 तक और विलंब शुल्क के साथ 17 से 31 अक्टूबर, 2025 के बीच पंजीकरण किया जा सकता है।
परीक्षाओं का शेड्यूल
मैट्रिक और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएँ संभवतः फरवरी 2026 में आयोजित की जाएँगी। जिले से लगभग 43,792 छात्र मैट्रिक परीक्षा में और अनुमानित 40,905 छात्र इंटरमीडिएट परीक्षा में शामिल होंगे। शिक्षा विभाग द्वारा बताए गए नए नियमों से फर्जी उम्मीदवारों की संलिप्तता पर लगाम लगाने और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
वे विशेष रूप से कोयलांचल, BCCL, कोलियरियों, औद्योगिक क्षेत्रों, स्थानीय प्रशासन और जनहित के मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।
Expertise: Journalism • Digital Media • Ground Reporting • Content & Social Media • Video Production • News Analysis








