Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम पुलिस ने फरार नक्सलियों के खिलाफ अभियान को और तेज करते हुए रविवार को तीन वांछित उग्रवादियों के घरों पर न्यायालय के आदेशानुसार इश्तेहार चस्पा किया। इनमें 15 लाख रुपये के इनामी नक्सली सालुका कायम उर्फ भुनेश्वर उर्फ जयराम का नाम भी शामिल है।
पुलिस के अनुसार, कराईकेला थाना कांड संख्या 02/2025 के प्राथमिक अभियुक्तों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। सभी आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।
इन फरार नक्सलियों के घरों पर चिपकाया गया इश्तेहार
इश्तेहार चस्पा किए गए आरोपियों में पहला नाम सालुका कायम उर्फ भुनेश्वर उर्फ जयराम का है। वह साधु चरण कायम का पुत्र और सोनुवा थाना क्षेत्र के कूदाबुरु गांव का निवासी है। सरकार ने उस पर 15 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है।
इसके अलावा सुरेश दांगील के पुत्र रतन दांगील, निवासी टेंडरसई गांव तथा कुंदा सोय की पुत्री रिशिव उर्फ जीवरी उर्फ ऊषा सोय, निवासी माइलीपी गांव के घरों पर भी इश्तेहार चिपकाया गया। तीनों आरोपी सोनुवा थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं।
सीएलए एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत दर्ज है मामला
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 21 जून 2025 को दर्ज कराईकेला थाना कांड संख्या 02/2025 में इन तीनों को प्राथमिक अभियुक्त बनाया गया था। इनके खिलाफ सीएलए एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज है।
न्यायालय के निर्देश पर आरोपियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अदालत में आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया गया है। यदि वे तय समय में सरेंडर नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तारी के लिए जारी है लगातार छापेमारी
कराईकेला थाना प्रभारी प्यारे हसन ने बताया कि फरार नक्सलियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। इश्तेहार चस्पा करना कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है और क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान को और तेज कर दिया गया है।
उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से अपील की कि यदि किसी को इन फरार नक्सलियों के संबंध में कोई जानकारी मिले तो वह पुलिस को सूचना दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
आत्मसमर्पण करने पर मिलेगी सरकारी योजनाओं का लाभ
थाना प्रभारी ने नक्सलियों से भी अपील की कि वे सरकार की आत्मसमर्पण नीति का लाभ उठाते हुए मुख्यधारा में लौटें। उन्होंने कहा कि सरेंडर करने वाले उग्रवादियों को सरकार की पुनर्वास योजनाओं के तहत निर्धारित सुविधाएं और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।









