Ranchi: जामताड़ा में एक महिला की मौत के बाद शुरू हुए राजनीतिक विवाद के बीच झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफ़ान अंसारी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके नेताओं, खासकर अमर बावरी, पर तीखा हमला बोला है। मंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा दुखद घटनाओं को राजनीतिक मुद्दा बनाकर जनता की भावनाओं से खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी परिवार के दुख को राजनीतिक मंच बनाना उचित नहीं है।
डॉ. इरफ़ान अंसारी ने कहा कि जिस महिला की मौत हुई, वह पहले से गंभीर रूप से बीमार थीं। उनके अनुसार, अस्पताल के डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने मरीज को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किया। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने से पहले डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाना गैर-जिम्मेदाराना होगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करा रही है। यदि जांच में चिकित्सकीय लापरवाही, प्रशासनिक चूक या किसी भी अधिकारी-कर्मचारी की गलती सामने आती है, तो कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि दोषी चाहे किसी भी पद पर हो या किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
मंत्री ने अस्पताल में हुई कथित तोड़फोड़ और हंगामे पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि अस्पताल कोई राजनीतिक मंच नहीं है और सरकारी कार्य में बाधा डालने, डॉक्टरों या स्वास्थ्यकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार करने तथा कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भाजपा शासनकाल में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय कमजोर किया
अपने बयान में डॉ. अंसारी ने भाजपा पर आरोप लगाया कि उसने अपने शासनकाल में राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय उसे कमजोर किया। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार डॉक्टरों की नियुक्ति, मेडिकल कॉलेजों के निर्माण और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर लगातार काम कर रही है। हालांकि, यह सरकार का पक्ष है और इन दावों पर राजनीतिक मतभेद मौजूद हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उनका उद्देश्य पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे स्वयं परिवार से मिलेंगे और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएंगे। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि घटना को राजनीतिक रंग देकर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
गौरतलब है कि इस मामले को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या थे। ऐसे में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जांच रिपोर्ट का इंतजार करना महत्वपूर्ण होगा।







