Chandra Grahan 2026 Timing: साल 2026 का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण 28 अगस्त को लगेगा। ग्रहण सुबह 6 बजकर 55 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। हालांकि, यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यह ग्रहण कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में लगेगा।
Chandra Grahan 2026 Timing: कितने बजे शुरू होगा चंद्र ग्रहण?
साल का आखिरी चंद्र ग्रहण 28 अगस्त 2026 की सुबह 6:55 बजे शुरू होगा। इसका समापन दोपहर 12:30 बजे होगा। ग्रहण की अधिकतम अवस्था यानी पीक टाइम सुबह 9:43 बजे बताई गई है। इस तरह ग्रहण की पूरी अवधि करीब साढ़े पांच घंटे की होगी।
हालांकि, ग्रहण का हर चरण भारत से दिखाई नहीं देगा। इसलिए धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भारत में इसके आधार पर सूतक काल लागू नहीं माना जाएगा।
भारत में दिखाई देगा चंद्र ग्रहण?
28 अगस्त को लगने वाला यह चंद्र ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं होगा। वहीं दुनिया के कुछ हिस्सों में इसे देखा जा सकेगा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका और पश्चिमी एशिया के कुछ क्षेत्रों में ग्रहण दिखाई देने की संभावना है।
चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें?
धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं में ग्रहण के समय कुछ उपाय बताए गए हैं। हालांकि, ये धार्मिक मान्यताएं हैं और इनका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
• ग्रहण के दौरान मंत्र जाप और ध्यान करने की परंपरा है।
• ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करने और जरूरतमंद लोगों को दान देने की मान्यता है।
• घर की साफ-सफाई कर शुद्धिकरण करने की परंपरा भी बताई जाती है।
• जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र या अन्य आवश्यक सामग्री दान करना शुभ माना जाता है।
चंद्र ग्रहण का क्या असर माना जाता है?
ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को मन और भावनाओं से जोड़कर देखा जाता है। इसी आधार पर मान्यता है कि चंद्र ग्रहण के दौरान मानसिक तनाव, भ्रम या नकारात्मक विचार बढ़ सकते हैं। ऐसे में शांत रहने और जल्दबाजी में बड़े फैसले नहीं लेने की सलाह दी जाती है।
ध्यान दें: ग्रहण के प्रभाव से जुड़ी ये बातें ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं, इन्हें वैज्ञानिक तथ्य नहीं माना जाता।
क्या होता है चंद्र ग्रहण?
चंद्र ग्रहण एक खगोलीय घटना है। जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है, तब चंद्र ग्रहण होता है। ग्रहण की स्थिति और उसकी अवधि इस बात पर निर्भर करती है कि सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक-दूसरे के सापेक्ष किस स्थिति में हैं।
Chandra Grahan 2026: वास्तु से जुड़े बताए गए उपाय
ग्रहण के आसपास वास्तु से जुड़े कुछ उपाय भी बताए जाते हैं। इन्हें धार्मिक या वास्तु मान्यताओं के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
खंडित मूर्तियां हटाएं: घर के मंदिर में रखी टूटी या खंडित मूर्तियों को सम्मानपूर्वक उचित विधि से हटाने की सलाह दी जाती है।
बंद घड़ी ठीक करें: वास्तु मान्यता के अनुसार लंबे समय से बंद पड़ी घड़ी को ठीक करवाना या हटा देना बेहतर माना जाता है।
सूखे पौधे हटाएं: घर में सूखे और मुरझाए पौधों को हटाकर उनकी जगह स्वस्थ पौधे लगाने की सलाह दी जाती है।
मुख्य द्वार साफ रखें: घर के प्रवेश द्वार के आसपास फालतू सामान, पुराने या खराब जूते-चप्पल जमा न होने देने की सलाह दी जाती है।
Chandra Grahan 2026: एक नजर में पूरी टाइमिंग
• चंद्र ग्रहण की तारीख: 28 अगस्त 2026
• ग्रहण शुरू होने का समय: सुबह 6:55 बजे
• ग्रहण का पीक टाइम: सुबह 9:43 बजे
• ग्रहण समाप्त होने का समय: दोपहर 12:30 बजे
• भारत में दृश्यता: दिखाई नहीं देगा
• सूतक काल: भारत में मान्य नहीं होगा, क्योंकि ग्रहण दृश्यमान नहीं है
• ज्योतिषीय राशि: कुंभ
• नक्षत्र: शतभिषा

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
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