National News: एशिया कप 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच बहुप्रतीक्षित मुकाबला आज दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। हालांकि, यह सिर्फ एक क्रिकेट मैच नहीं रहा— 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले और 7 मई को हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद दोनों देशों के बीच यह पहला इंटरनेशनल मैच है, जिसके चलते देशभर में भावनाएं उफान पर हैं।
देश के अलग-अलग हिस्सों में इस मैच को लेकर दो तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ जगहों पर टीम इंडिया की जीत के लिए यज्ञ-हवन और पूजा-पाठ हो रहे हैं, वहीं कई राज्यों में इस मैच का विरोध तेज हो गया है।
महाराष्ट्र: शिवसेना (उद्धव गुट) के कार्यकर्ताओं ने मुंबई में TV तोड़कर अपना विरोध जताया। महिला कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री को सिंदूर भेजा और BCCI के लिए चंदा मांगा।
पहलगाम हमले के पीड़ित परिवारों ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है, “जिनके हाथ हमारे अपनों के खून से सने हैं, उनके साथ हम मैच क्यों खेलें?”
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नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया:
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असदुद्दीन ओवैसी (सांसद, AIMIM):
“क्या भारत सरकार को पाकिस्तान के खिलाफ मैच खेलने से इनकार करने का अधिकार नहीं है? क्या मैच से कमाया गया पैसा 26 निर्दोष नागरिकों की जान से ज्यादा कीमती है?”
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अरविंद केजरीवाल (पूर्व मुख्यमंत्री):
“क्लब और रेस्टोरेंट्स इस मैच का प्रसारण न करें, वरना हम प्रदर्शन करेंगे। ये देश के साथ धोखा होगा।”
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संजय राऊत (सांसद, शिवसेना):
“देशभक्त नागरिक उन स्थानों की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करें जहां यह मैच दिखाया जाएगा।”
भारत-पाक मैच पर देश की नजरें
हालात संवेदनशील हैं और इस मैच को सिर्फ खेल के नजरिए से देखना अब मुश्किल हो गया है। कई लोगों का मानना है कि क्रिकेट और राजनीति को अलग रखना चाहिए, जबकि अन्य इसे “राष्ट्र की भावना और सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा” मानते हैं।













