Ranchi: झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren ने सोमवार को झारखंड मंत्रालय में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, छात्रवृत्ति कार्यक्रमों, रोजगार सृजन योजनाओं, आवासीय विद्यालयों और कौशल विकास कार्यक्रमों की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि राज्य सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने योजनाओं के पारदर्शी, समयबद्ध और परिणामोन्मुख क्रियान्वयन पर विशेष बल देते हुए नियमित मॉनिटरिंग और विभागीय समन्वय को मजबूत करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना पर फोकस, लाभुकों से किया सीधा संवाद
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के लाभुकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत की। उन्होंने लाभुकों से ऋण स्वीकृति, व्यवसाय संचालन, आय, रोजगार सृजन और बैंकिंग सहयोग से जुड़ी जानकारी ली।
लाभुकों ने बताया कि योजना के जरिए उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है और वे अपने क्षेत्रों में स्वरोजगार के साथ अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने लंबित आवेदनों के शीघ्र निष्पादन के निर्देश देते हुए कहा कि लाभुकों को समय पर सहायता मिलनी चाहिए। साथ ही योजना से जुड़े लाभार्थियों की समस्याओं और सुझावों के लिए कॉल सेंटर स्थापित करने का भी निर्देश दिया।
आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने गढ़वा, देवघर और साहिबगंज में संचालित अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पर्याप्त संसाधन और बेहतर संचालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
इसके अलावा एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की उपलब्धता, भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, सुरक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।
निर्माणाधीन छात्रावासों और आदिवासी हॉस्टलों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
विद्यार्थियों को जनगणना और एसआईआर के प्रति जागरूक करने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने स्कूलों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को एसआईआर (Special Intensive Revision) और जनगणना जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं की जानकारी दी जा सके। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी समाज में जागरूकता के वाहक बनकर अपने परिवार और समुदाय को भी इन विषयों के प्रति जागरूक कर सकते हैं।
झारखंड में छात्रों को मिल सकती है ई-साइकिल
साइकिल वितरण योजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पारंपरिक साइकिलों की जगह विद्यार्थियों को ई-साइकिल उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि राज्य के ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए विद्यालय तक पहुंचना एक बड़ी चुनौती है। ऐसे में ई-साइकिल उनकी शिक्षा तक पहुंच को आसान बनाने और नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने में मददगार साबित हो सकती है।
कौशल विकास कार्यक्रमों को रोजगार से जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कौशल विकास कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं होना चाहिए, बल्कि उसे स्थानीय जरूरतों और बाजार की मांग के अनुरूप बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने निर्देश दिया कि उद्योगों और स्थानीय उद्यमों के साथ समन्वय स्थापित कर ऐसे प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किए जाएं, जिनसे युवाओं को प्रशिक्षण के बाद रोजगार या स्वरोजगार के अवसर मिल सकें।
जिला अस्पतालों में बनेगा विशेष हेल्प डेस्क
स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने रिम्स समेत राज्य के सभी जिला अस्पतालों में अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति वर्ग के मरीजों के लिए विशेष हेल्प डेस्क स्थापित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि हेल्प डेस्क के माध्यम से मरीजों को पंजीकरण, जांच और उपचार प्रक्रिया में आवश्यक मार्गदर्शन और सहायता मिलेगी, जिससे जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने में आसानी होगी।
कब्रिस्तान घेराबंदी और पारंपरिक भवन निर्माण कार्यों में तेजी लाने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़ी विकास योजनाओं की समीक्षा करते हुए कब्रिस्तान घेराबंदी कार्यों को तेज करने का निर्देश दिया। साथ ही मांझी, परगना, पड़हा, मानकी-मुंडा और धुमकुड़िया भवनों के निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने को कहा।
बैठक में कल्याण मंत्री Chamara Linda, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री Hafizul Hasan, मुख्य सचिव Avinash Kumar, विकास आयुक्त Ajay Kumar Singh समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।








