Ranchi: प्रेस क्लब मोराबादी, रांची में झारखंड आंदोलनकारी संपर्क समिति के बैनर तले मंगलवार को आंदोलनकारी साथियों का जुटान हुआ। इस मौके पर झारखंड राज्य गठन के मूल उद्देश्य को पूरा करने और स्थानीय नीति व अधिकारों की रक्षा के लिए पुनः एकजुट होकर आंदोलन तेज करने का आह्वान किया गया।
ललित कुमार महतो का वक्तव्य
सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) बृहत झारखंड के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष सह झारखंड आंदोलनकारी संपर्क समिति के मुख्य संयोजक ललित कुमार महतो ने कहा:
“भाषा, संस्कृति और खतियान झारखंडियों की पहचान है। इनके आधार पर ही स्थानीय एवं नियोजन नीति लागू करनी होगी।”
उन्होंने आगे कहा कि पेशा कानून और बन अधिनियम 2006 का पूर्ण रूप से पालन होने पर ही ग्राम सभा का अधिपत्य स्थापित होगा और झारखंडवासियों का वास्तविक कल्याण संभव होगा।
भूमि अधिग्रहण पर रोक की मांग
महतो ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसी भी राजस्व मौजा में निजी संपत्ति, जमीन, बन भूमि या खनिज संसाधन, जिन पर आदिवासी और मूलवासी वर्षों से आश्रित हैं, का अधिग्रहण नहीं कर सकती। पेशा कानून के अनुसार पांचवी अनुसूची क्षेत्र के सभी निवासियों को समान अधिकार प्राप्त हैं और इसमें किसी जाति या धर्म के आधार पर भेदभाव की गुंजाइश नहीं है।
शिक्षा में स्थानीय भाषाओं को शामिल करने की मांग
वक्ताओं ने यह भी कहा कि प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक छह जनजातीय भाषाओं (कुड़उकू, कुरमाली, हो, मुंडारी, संथाली, खड़िया) और तीन क्षेत्रीय भाषाओं (पंचपरगनियां, नागपुरी, खोरठा) को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए।
साथ ही, नियोजन नीति में भी इन भाषाओं के आधार पर स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने की मांग की गई, ताकि रोजगार के अवसर मिलें और भाषा-संस्कृति की रक्षा हो सके।
आजसू के पुनर्गठन की घोषणा
सम्मेलन में एक स्वर से यह निर्णय लिया गया कि गैर राजनीतिक स्वतंत्र छात्र संगठन ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) का पुनर्गठन किया जाएगा। इसके जरिए छात्र और युवा पीढ़ी को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी ताकि झारखंड राज्य गठन के उद्देश्य की पूर्ति के लिए संघर्ष जारी रखा जा सके।
प्रमुख आंदोलनकारी रहे शामिल
इस मौके पर ललित कुमार महतो के साथ हीरा नाथ साहू, रामजी भगत, ऐनुल अंसारी, रंजीत उरांव, सागर महतो, छब्बू लाल महतो समेत दर्जनों आंदोलनकारी साथी मौजूद थे।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
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