Ranchi : झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (JUVNL) में लंबे समय से नई नियुक्तियों का इंतजार कर रहे युवाओं और अनुभवी कर्मियों के लिए बड़ी खबर है। झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ ने निगम द्वारा बहाली प्रक्रिया शुरू किए जाने के निर्णय का जोरदार स्वागत किया है। गुरुवार को केंद्रीय अध्यक्ष अजय राय की अध्यक्षता में आयोजित ‘गूगल मीट’ बैठक में संघ ने कर्मियों के हितों को लेकर कई कड़े और महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं।
अनुभवी कर्मियों को मिले प्राथमिकता और 5 साल की छूट
संघ के अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि विभाग में वर्षों से अपनी सेवा दे रहे मानव दिवस कर्मियों (Daily Wagers) और एजेंसी कर्मियों के भविष्य को सुरक्षित करना निगम की जिम्मेदारी है। संघ ने मांग की है कि आगामी बहाली में वर्ष 2016 और 2017 की तर्ज पर पुराने अनुभवी कर्मियों को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही, इन कर्मियों के लिए आयु सीमा में 5 वर्ष की विशेष छूट प्रदान की जाए ताकि वे प्रतियोगिता में शामिल हो सकें।
एजेंसी व्यवस्था पर प्रहार: JAP-IT को जिम्मेदारी देने की मांग
बैठक में वर्तमान में चल रही आउटसोर्सिंग एजेंसी व्यवस्था पर गहरा असंतोष व्यक्त किया गया। संघ का तर्क है कि निजी एजेंसियों के कारण कर्मचारियों का शोषण हो रहा है और निगम पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। संघ ने सुझाव दिया है कि या तो पूर्व की प्रत्यक्ष भर्ती व्यवस्था बहाल हो, या फिर पूरे राज्य में JAP-IT को एकमात्र अधिकृत नियोक्ता (Employer) बनाया जाए, जिससे व्यवस्था पारदर्शी हो सके।
Read More- तमाड़ में दर्दनाक सड़क हादसा-तालाब में समाई कार, दो लोगों की डूबकर मौत
मृत कर्मियों के आश्रितों को नौकरी देने की अपील
संघ ने एक बेहद संवेदनशील मुद्दा उठाते हुए उन कर्मियों की चर्चा की, जिनकी ड्यूटी के दौरान मृत्यु हो गई। अजय राय ने कहा कि ऐसे मृत कर्मियों के आश्रित आज दर-दर भटक रहे हैं। संघ जल्द ही ऐसे परिवारों की सूची निगम प्रबंधन को सौंपेगा और मांग करेगा कि मानवीय आधार पर उन्हें रोजगार उपलब्ध कराया जाए।
Read More- उत्पाद सिपाही पेपर लीक मामले में बिहार से एक और आरोपी गिरफ्तार, जांच तेज
सीएम सचिवालय और आला अधिकारियों को भेजा ज्ञापन
संघ ने अपनी मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री सचिवालय, प्रबंध निदेशक और श्रम आयुक्त सहित सभी संबंधित विभागों को प्रेषित कर दिया है। बैठक में प्रधान महामंत्री अमित कुमार कश्यप, अमित शुक्ला, कुणाल सिंह सहित हजारों की संख्या में पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया और अपनी एकजुटता प्रदर्शित की।








