धनबाद: समाहरणालय में शुक्रवार को एडीएम (लॉ एंड ऑर्डर) पीयूष सिन्हा की अध्यक्षता में जनता दरबार आयोजित हुआ। विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं, जिन पर एडीएम ने संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई का निर्देश दिया।
जनता दरबार में कतरास से पहुंचे एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया। पीड़ित ने बताया कि उसकी पत्नी 7 वर्ष पूर्व घर छोड़ कर चली गई थी और अब उसका उससे कोई संपर्क नहीं है। बावजूद इसके, पत्नी ने धोखे से एलआईसी पॉलिसी से 40,409 रुपये की निकासी कर ली। इस धोखाधड़ी की जानकारी पीड़ित को मोबाइल पर एलआईसी से आए मैसेज के बाद हुई। जब वह कतरास स्थित एलआईसी शाखा गया, तो पता चला कि एलआईसी एजेंट, डेवलपमेंट ऑफिसर और शाखा प्रबंधक की मिलीभगत से पैसे निकाले गए हैं। पत्नी ने जाली हस्ताक्षर, पुरानी फोटो और एक फर्जी एफिडेविट के आधार पर यह राशि निकाली। पीड़ित ने एडीएम से न्याय की गुहार लगाई।
इसी तरह, बैंक मोड़ से आई एक महिला ने शिकायत की कि उनकी बहू उन्हें आए दिन प्रताड़ित करती है और घर में घुसने नहीं देती। महिला ने बताया कि जमीन और मकान उनके पति ने खरीदा था, फिर भी बहू के अत्याचार से तंग आकर वह अपने पति के साथ बस्ताकोला में रहने को मजबूर हो गई हैं। उन्होंने बहू से सुरक्षा की मांग की।
जनता दरबार में अन्य मामलों में भी कई शिकायतें सामने आईं, जिनमें सरकारी जमीन पर अतिक्रमण, सेवानिवृत्ति लाभ की मांग, जबरन जमीन कब्जा, वार्ड 23 में नाली निर्माण, रजिस्ट्री और म्यूटेशन के बावजूद बिल्डर द्वारा कब्जा न देना, और सरकारी तालाब के जीर्णोद्धार जैसी समस्याएं प्रमुख रहीं। एडीएम पीयूष सिन्हा ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए।
वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक। झारखंड, बिहार और राष्ट्रीय राजनीति, शिक्षा, प्रशासनिक मामलों और विकास नीतियों पर 10+ वर्षों का जमीनी पत्रकारिता अनुभव। निष्पक्ष और प्रमाणिक समाचार रिपोर्टिंग के लिए समर्पित।





