KhabarMantra: आधुनिक युग में होटल, रेस्त्रां और ढाबों में जाकर भोजन करना आम बात हो गई है। लोग अक्सर दोस्तों, परिवार या रिश्तेदारों के साथ समय बिताने और स्वादिष्ट भोजन का आनंद लेने के लिए इन जगहों का रुख करते हैं। इस बदलती जीवनशैली के कारण अब बड़े शहरों के साथ-साथ छोटे शहरों में भी बड़ी संख्या में होटल और रेस्त्रां खुल गए हैं।
लेकिन इन जगहों पर जाने वाले उपभोक्ता अनजाने में कई बार ठगी का शिकार हो जाते हैं। कभी बिल में अनावश्यक सीएसटी, जीएसटी और सर्विस चार्ज जोड़ दिए जाते हैं, तो कभी खराब क्वालिटी का खाना परोसा जाता है। कई बार तो उपभोक्ता द्वारा मंगाए ही नहीं गए आइटम भी बिल में जोड़ दिए जाते हैं, और लोग बिना जांच किए पूरे बिल की रकम चुका देते हैं।
रांची के कडरू इलाके में स्थित एक होटल में ऐसा ही मामला सामने आया, जहां एक उपभोक्ता को उसके ऑर्डर में शामिल न की गई चीजों का भी भुगतान करना पड़ा। जब उपभोक्ता ने बिल की जांच की, तो पाया कि उसमें लगभग 300 रुपये का अतिरिक्त चार्ज जोड़ा गया है। शिकायत करने पर होटल प्रबंधन ने अतिरिक्त राशि को हटाकर नया बिल दिया।
यदि इस तरह की धोखाधड़ी रोजाना 20 ग्राहकों के साथ होती है, तो एक होटल पूरे महीने में हजारों रुपये की गलत कमाई कर सकता है। ऐसे में उपभोक्ताओं को खुद सतर्क और जागरूक रहना होगा। हर बार खाने के बाद बिल की अच्छे से जांच करें और तभी भुगतान करें, ताकि किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचा जा सके।













