रांची: IND vs WI के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला आज रांची के जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। भारत लखनऊ में पहला मुकाबला 8 विकेट से जीतकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना चुका है। अब टीम इंडिया की नजर रांची में बढ़त को 2-0 करने पर है, जबकि वेस्टइंडीज के लिए यह मैच वापसी का मौका है। मुकाबला शाम 7 बजे शुरू होगा और टॉस 6:30 बजे होगा।
लेकिन रांची में आज सिर्फ दोनों टीमों के खिलाड़ियों की फॉर्म ही चर्चा में नहीं है। मौसम, पिच और JSCA स्टेडियम की परिस्थितियां भी इस मुकाबले की दिशा तय कर सकती हैं।
रांची का मौसम बना सबसे बड़ा फैक्टर
भारत-वेस्टइंडीज मुकाबले से पहले रांची के मौसम ने चिंता जरूर बढ़ा दी है। मौसम विज्ञान केंद्र रांची ने 9 अक्टूबर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। आकाशीय बिजली के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है। राज्य में 9 और 10 अक्टूबर को हल्की से मध्यम बारिश की भी संभावना है।
यानी मैच के दौरान सबसे बड़ा सवाल यह रहेगा कि मौसम कितनी देर तक साथ देता है। अगर बारिश आती है या मैदान पर नमी बढ़ती है तो टॉस का महत्व अचानक काफी बढ़ जाएगा।
बारिश के कारण मैच के ओवर कम हुए तो टी20 का पूरा समीकरण बदल सकता है। ऐसे में शुरुआती विकेट, पावरप्ले में रन और लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम को मिलने वाला फायदा निर्णायक हो सकता है।
JSCA की पिच कैसी है?
रांची की पिच को आमतौर पर पूरी तरह बल्लेबाजों का स्वर्ग नहीं माना जाता। शुरुआत में बल्लेबाजों को शॉट खेलने का मौका मिलता है, लेकिन मैच आगे बढ़ने पर सतह धीमी हो सकती है। ऐसे में स्पिनर और गति में बदलाव करने वाले गेंदबाज महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। ICC के प्री-मैच विश्लेषण में भी रांची की परिस्थितियों में स्पिन और वैरिएशन वाली गेंदबाजी को अहम बताया गया है।
यही कारण है कि आज सिर्फ तेज शुरुआत करने वाले बल्लेबाज नहीं, बल्कि मिडिल ओवर में स्ट्राइक रोटेट करने वाले बल्लेबाज भी मैच जिताने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
कितना स्कोर माना जाएगा मजबूत?
रांची में बड़े स्कोर वाले टी20 मुकाबले बहुत आम नहीं रहे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक यहां हाल के 10 नाइट टी20 मुकाबलों में सिर्फ एक बार 200 रन का आंकड़ा पार हुआ है।
ऐसे में अगर कोई टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 165-180 के आसपास पहुंचती है तो उसे मुकाबले में मजबूत स्थिति में माना जा सकता है। हालांकि मौसम और ड्यू की स्थिति इस अनुमान को बदल सकती है।
अगर बारिश या बादलों के कारण गेंदबाजों को शुरुआती मदद मिलती है तो 160 के आसपास का स्कोर भी चुनौतीपूर्ण बन सकता है।
टॉस क्यों होगा इतना अहम?
रांची में मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए टॉस का महत्व सामान्य मुकाबले से ज्यादा हो सकता है।
अगर बारिश का खतरा बना रहता है तो कप्तान लक्ष्य का पीछा करने को प्राथमिकता दे सकता है, क्योंकि डकवर्थ-लुईस-स्टर्न नियम की स्थिति में पीछा करने वाली टीम को लक्ष्य की स्पष्ट जानकारी रहती है।
हालांकि अगर पिच सूखी और बल्लेबाजी के लिए बेहतर नजर आती है तो पहले बल्लेबाजी करके बोर्ड पर बड़ा स्कोर लगाना भी खराब विकल्प नहीं होगा।
यानी आज टॉस के साथ-साथ कप्तानों को आसमान और पिच दोनों को पढ़ना होगा।
भारत की सबसे बड़ी ताकत क्या?
भारत के लिए सबसे बड़ी राहत कप्तान श्रेयस अय्यर की फॉर्म है। लखनऊ में उन्होंने सिर्फ 43 गेंदों पर नाबाद 102 रन बनाकर मैच का रुख ही बदल दिया था। ईशान किशन ने 37 रन बनाकर उनका अच्छा साथ दिया और भारत ने 32 गेंद बाकी रहते 172 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया।
गेंदबाजी में भी भारत के पास काफी विकल्प हैं। पहले मुकाबले में नमन धीर ने 3 विकेट लिए, जबकि अक्षर पटेल और कुलदीप यादव ने भी प्रभाव छोड़ा। अर्शदीप सिंह ने शुरुआत में विकेट निकालकर वेस्टइंडीज पर दबाव बनाया और मयंक यादव ने अतिरिक्त गति का विकल्प दिया।
वेस्टइंडीज को क्या बदलना होगा?
पहले मुकाबले में वेस्टइंडीज की सबसे बड़ी समस्या यह रही कि कुछ बल्लेबाजों के योगदान के बावजूद टीम लगातार विकेट गंवाती रही।
शाई होप ने 52 और शेरफेन रदरफोर्ड ने 56 रन बनाए, लेकिन भारत के गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में लगातार दबाव बनाए रखा और वेस्टइंडीज 171 रन पर ऑलआउट हो गई।
रांची में वेस्टइंडीज को खासतौर पर पावरप्ले में विकेट बचाने और मिडिल ओवर में स्पिन के खिलाफ रन गति बनाए रखने की जरूरत होगी। अगर उसके पावर हिटर सेट हो गए तो रांची की परिस्थितियों में मैच अचानक भारत के लिए मुश्किल हो सकता है।
मैच का गेमचेंजर कौन?
भारत की तरफ से एक बार फिर श्रेयस अय्यर सबसे बड़ा गेमचेंजर हो सकते हैं। लेकिन अगर पिच धीमी हुई तो कुलदीप यादव और अक्षर पटेल जैसे स्पिन विकल्प ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
वेस्टइंडीज की तरफ से शाई होप और रदरफोर्ड पर नजर रहेगी। पहले मैच में दोनों ने टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकालने की कोशिश की थी।
किसका पलड़ा भारी?
कागज पर भारत इस समय स्पष्ट रूप से आगे दिखाई देता है। टीम ने पहला मैच बड़े अंतर से जीता है, बल्लेबाजी में श्रेयस अय्यर शानदार फॉर्म में हैं और गेंदबाजी में भी विकल्पों की कमी नहीं है। ICC के मुताबिक भारत की हाल की टी20 फॉर्म भी लगातार जीत वाली रही है, जबकि वेस्टइंडीज का प्रदर्शन उतना स्थिर नहीं रहा।
लेकिन रांची का मौसम इस समीकरण में सबसे बड़ा ‘ट्विस्ट’ डाल सकता है।
अगर मैच बिना बारिश के पूरा होता है और पिच सामान्य रहती है तो भारत का पलड़ा भारी है। अगर बारिश आती है, ओवर घटते हैं या पिच में नमी बढ़ती है तो वेस्टइंडीज के पास मुकाबले को पलटने का बेहतर मौका बन सकता है।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
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