Ranchi: राजधानी रांची में आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और आपसी भाईचारे के साथ संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। समाहरणालय (ब्लॉक ‘बी’) के कमरा संख्या-505 में शुक्रवार (19 जून 2026) को जिलास्तरीय शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक की अध्यक्षता जिला दंडाधिकारी-cum-उपायुक्त (DC) मंजूनाथ भजन्त्री और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) राकेश रंजन ने संयुक्त रूप से की। बैठक में सेंट्रल मोहर्रम कमिटी, महावीर मंडल और विभिन्न अखाड़ा समितियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और पर्व को सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाने का संकल्प दोहराया।
हाईटेक सुरक्षा का पहरा: ड्रोन कैमरों से होगी निगरानी, असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर
बैठक को संबोधित करते हुए एसएसपी राकेश रंजन ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि त्योहार के दौरान माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले किसी भी असामाजिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हाईटेक तकनीक का सहारा लिया है।
मोहर्रम के जुलूसों और अत्यधिक भीड़भाड़ वाले संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी ड्रोन कैमरों के जरिए की जाएगी। इसके अलावा, सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पुलिस बल की विशेष तैनाती होगी। एसएसपी ने सभी अखाड़ों को निर्देश दिया है कि जुलूस तय समय पर शुरू हों और बिना किसी देरी के निर्धारित समय पर ही अपने गंतव्य तक पहुंचकर संपन्न हों।
अफवाह फैलाई तो खैर नहीं, सोशल मीडिया पर चौबीसों घंटे मॉनिटरिंग
डीसी मंजूनाथ भजन्त्री ने बैठक में सोशल मीडिया के दुरुपयोग को लेकर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि फेसबुक, व्हाट्सएप, एक्स (ट्विटर) और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर पुलिस की साइबर सेल चौबीसों घंटे कड़ी नजर रख रही है। किसी भी प्रकार की सांप्रदायिक, भ्रामक या आपत्तिजनक पोस्ट शेयर करने वालों के खिलाफ त्वरित और कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डीसी ने जनता से अपील की कि वे किसी भी सुनी-सुनाई अफवाह पर ध्यान न दें और कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत स्थानीय पुलिस या प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित करें।
हाईकोर्ट के गाइडलाइंस का पालन जरूरी: रूट और झंडे की ऊंचाई में नहीं होगा बदलाव
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि माननीय उच्च न्यायालय (High Court) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का हर हाल में पालन करना होगा। जुलूस के दौरान झंडों की ऊंचाई तय सीमा के भीतर होनी चाहिए ताकि किसी भी प्रकार का हादसा न हो। इसके साथ ही, अखाड़ों द्वारा पहले से स्वीकृत जुलूस मार्गों (रूट) में किसी भी प्रकार का बदलाव या डायवर्जन करने की अनुमति नहीं होगी। अखाड़ा समितियों को स्थानीय थानों से समन्वय बनाकर तय रूट से ही शांतिपूर्ण ढंग से जुलूस निकालने के निर्देश दिए गए हैं।
बुनियादी सुविधाओं के लिए मुस्तैद रहेगा प्रशासन
बैठक के दौरान सेंट्रल मोहर्रम कमिटी, महावीर मंडल और शांति समिति के सदस्यों (जिसमें मोहम्मद इस्लाम, अकीलुर्रहमान, अजीत सहाय, परमजीत सिंह आदि शामिल थे) ने साफ-सफाई, बिजली-पानी, जर्जर जुलूस मार्गों की मरम्मत, एम्बुलेंस की तैनाती और अखाड़ा लाइसेंस प्रक्रिया को आसान बनाने जैसे कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। डीसी ने आश्वासन दिया कि प्रशासन सभी सुझावों पर गंभीरता से काम कर रहा है और रूट पर सभी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
इस उच्चस्तरीय बैठक में सिटी एसपी पारस राणा, ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी, ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह, सदर एसडीएम कुमार रजत, एडीएम (लॉ एंड ऑर्डर) धनंजय और ट्रेनी आईएएस आस्था शरण सहित जिले के तमाम बड़े पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

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