रांची: झारखंड में DGP की नियुक्ति को लेकर चल रहे विवाद पर आज यानी 24 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में फिर सुनवाई होगी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ मामले की सुनवाई कर रही है। बुधवार की सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने नियुक्ति से जुड़े नियमों में किए गए संशोधन का बचाव किया था। अब आज सरकार एमिकस क्यूरी की रिपोर्ट पर अपना विस्तृत पक्ष अदालत के सामने रख सकती है।
नियम-5 में बदलाव पर क्यों उठा विवाद?
बुधवार को याचिकाकर्ता बाबूलाल मरांडी की ओर से दलील पूरी होने के बाद कपिल सिब्बल ने झारखंड सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि राज्य ने सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप डीजीपी नियुक्ति के लिए नियमावली तैयार की है। हालांकि, एमिकस क्यूरी की ओर से खास तौर पर नियम-5 में किए गए संशोधन पर आपत्ति जताई गई है।
सरकार की ओर से अदालत में कहा गया कि नियम में बदलाव तदाशा मिश्रा को DGP पद के लिए अवसर देने के उद्देश्य से किया गया था। सरकार ने बताया कि तदाशा मिश्रा डीजीपी रैंक में प्रोन्नत होने वाली एकमात्र महिला अधिकारी हैं। उनके नक्सल विरोधी अभियानों और अपराध नियंत्रण से जुड़े कामों का भी सरकार की ओर से उल्लेख किया गया।
तदाशा मिश्रा की नियुक्ति पर क्या है विवाद?
तदाशा मिश्रा को 30 दिसंबर 2025 को झारखंड का DGP नियुक्त किया गया था, जबकि वह अगले दिन सेवानिवृत्त होने वाली थीं। इसी नियुक्ति और नियमों में किए गए बदलाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सवाल उठाए गए हैं। एमिकस क्यूरी की रिपोर्ट में उनकी नियुक्ति को सुप्रीम कोर्ट के प्रकाश सिंह मामले में तय दिशा-निर्देशों के अनुरूप नहीं होने की बात कही गई है।
एमिकस क्यूरी ने झारखंड की 2025 की डीजीपी नियुक्ति नियमावली में राज्य सरकार को मिले व्यापक विवेकाधिकार को लेकर भी आपत्ति जताई है। यह रिपोर्ट अदालत के विचार के लिए है; अंतिम निर्णय सुप्रीम कोर्ट को करना है.
बाबूलाल मरांडी ने नियुक्ति प्रक्रिया पर उठाए सवाल
याचिकाकर्ता बाबूलाल मरांडी की ओर से सुनवाई के दौरान झारखंड में डीजीपी नियुक्ति की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए। उनकी ओर से आरोप लगाया गया कि राज्य में डीजीपी की नियुक्ति में नियमों का मनमाने तरीके से इस्तेमाल किया गया।
वहीं, राज्य सरकार ने इन दलीलों के जवाब में अपनी नियमावली और नियम-5 में किए गए संशोधन का बचाव किया है। बुधवार को कपिल सिब्बल ने कहा था कि सरकार आज, 24 सितंबर को एमिकस क्यूरी की रिपोर्ट पर अपना पक्ष रखेगी।
आज सुप्रीम कोर्ट में क्या हो सकता है?
आज की सुनवाई में मुख्य रूप से एमिकस क्यूरी की रिपोर्ट पर झारखंड सरकार का जवाब और डीजीपी नियुक्ति के लिए बनाए गए नियमों पर अदालत की आगे की टिप्पणी महत्वपूर्ण रहेगी। सुप्रीम कोर्ट मामले में नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दे सकता है। हालांकि, आज अदालत क्या आदेश देती है, यह सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगा।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
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