Jharkhand में लगातार बिगड़ती बिजली व्यवस्था को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। भीषण गर्मी के बीच राज्यभर में हो रही बिजली कटौती, लो-वोल्टेज और ट्रांसफॉर्मर खराब होने की घटनाओं ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। इसी मुद्दे को लेकर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री Raghubar Das ने मुख्यमंत्री Hemant Soren को पत्र लिखकर बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य के ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं। घंटों बिजली कटौती के कारण लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। गर्मी और उमस के बीच बिजली नहीं रहने से घरों में हालात खराब हो रहे हैं। इसका असर बच्चों की पढ़ाई, किसानों के काम, छोटे व्यापार और उद्योगों पर भी पड़ रहा है।
“जनता परेशान, व्यवस्था कमजोर”
रघुवर दास ने अपने पत्र में कहा कि वर्तमान समय में बिजली व्यवस्था पहले की तुलना में कमजोर होती नजर आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में तैयार की गई बिजली आधारभूत संरचनाओं का सही तरीके से रखरखाव नहीं हो पा रहा है। लोगों को लो-वोल्टेज, बार-बार बिजली जाने और ट्रांसफॉर्मर खराब होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र किसी भी राज्य की आर्थिक प्रगति की रीढ़ होता है और यदि बिजली व्यवस्था ही कमजोर हो जाए तो उसका असर सीधे जनता और विकास दोनों पर पड़ता है।
अपने कार्यकाल की योजनाओं का किया जिक्र
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल के दौरान ऊर्जा क्षेत्र में किए गए कामों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने झारखंड को “पावर हब” बनाने के लक्ष्य के साथ कई बड़े प्रोजेक्ट शुरू किए थे।
उनके अनुसार:
- लाखों नए घरों तक बिजली पहुंचाई गई।
- ट्रांसमिशन और वितरण नेटवर्क का विस्तार किया गया।
- नए ग्रिड सब-स्टेशन बनाए गए।
- शहरी इलाकों में अंडरग्राउंड केबलिंग और बिजली ढांचे को मजबूत किया गया।
- लाइनमैन की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर बिजली व्यवस्था सुधारने का प्रयास किया गया।
उन्होंने Patratu Thermal Power Project और NTPC के साथ संयुक्त परियोजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य झारखंड को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना था।
सरकार से की तत्काल कार्रवाई की मांग
रघुवर दास ने मुख्यमंत्री से बिजली व्यवस्था को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि:
- राज्यभर में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
- खराब ट्रांसफॉर्मरों को जल्द बदला जाए।
- लो-वोल्टेज और बार-बार कटौती की समस्या दूर हो।
- ट्रांसमिशन और वितरण नेटवर्क का बेहतर रखरखाव किया जाए।
- उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान के लिए जवाबदेह व्यवस्था बनाई जाए।
गर्मी के बीच लोगों का बढ़ रहा गुस्सा
राज्य के कई जिलों में बिजली कटौती को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। सोशल मीडिया पर भी लोग लगातार सरकार और बिजली विभाग के खिलाफ अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। उमस भरी गर्मी में लगातार बिजली बाधित होने से लोगों को रात में भी राहत नहीं मिल रही है।
फिलहाल, झारखंड में बिजली संकट अब केवल तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
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