Ranchi: झारखंड में घरेलू LPG उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने के लिए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने वितरण व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। नए नियम के तहत अब गैस बुकिंग के सात दिनों के भीतर सिलेंडर की डिलीवरी सुनिश्चित करनी होगी। यदि किसी गैस एजेंसी के यहां सात दिन से अधिक समय तक डिलीवरी लंबित रहती है, तो संबंधित डिस्ट्रीब्यूटर का सिस्टम लॉक किया जा सकता है।
मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार सभी LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स को तय समयसीमा के भीतर उपभोक्ताओं तक गैस सिलेंडर पहुंचाना अनिवार्य होगा। यदि किसी एजेंसी के यहां सात दिनों से अधिक का बैकलॉग पाया जाता है, तो ऑयल मार्केटिंग कंपनियां उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगी और जरूरत पड़ने पर उसकी ऑनलाइन प्रणाली को बंद भी कर सकती हैं।
नई बुकिंग और डिलीवरी भी हो सकती है प्रभावित
जानकारी के मुताबिक यदि किसी विशेष परिस्थिति के कारण डिलीवरी में देरी होती है और डिस्ट्रीब्यूटर उसका उचित कारण प्रस्तुत करता है, तो इंडियन ऑयल की ओर से सिस्टम को अस्थायी रूप से अनलॉक किया जा सकता है। हालांकि एजेंसी को देरी की स्पष्ट वजह बतानी होगी। यदि कारण संतोषजनक नहीं पाया गया तो सिस्टम पूरी तरह लॉक कर दिया जाएगा, जिससे नई गैस बुकिंग और सिलेंडर डिलीवरी दोनों प्रभावित होंगी।
पहले भी लागू था नियम, अब फिर हुई सख्ती
LPG वितरण से जुड़ा यह नियम पहले भी लागू था, लेकिन मध्य-पूर्व में उत्पन्न परिस्थितियों और सप्लाई चेन पर पड़े असर को देखते हुए तेल कंपनियों ने डिस्ट्रीब्यूटर्स को अस्थायी राहत दी थी। अब हालात सामान्य होने के बाद कंपनियां फिर से समयबद्ध वितरण व्यवस्था लागू करने की दिशा में कदम उठा रही हैं।
बार-बार नियम तोड़ने पर होगी कड़ी कार्रवाई
सरकार का उद्देश्य गैस वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और उपभोक्ता हितैषी बनाना है ताकि लोगों को गैस सिलेंडर के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े। यदि कोई डिस्ट्रीब्यूटर बार-बार नियमों का उल्लंघन करता है तो उसका सिस्टम पूरी तरह बंद किया जा सकता है।
झारखंड में अब भी हजारों डिलीवरी लंबित
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार झारखंड में इंडेन गैस की सात दिनों से अधिक लंबित डिलीवरी के करीब 50 हजार मामले मौजूद हैं। इनमें सिर्फ रांची जिले में ही लगभग 7 हजार ऐसे उपभोक्ता हैं जिन्हें बुकिंग के सात दिन बाद भी गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी नहीं मिल सकी है। हालांकि तेल कंपनियों और डिस्ट्रीब्यूटर्स के संयुक्त प्रयासों से पिछले कुछ दिनों में स्थिति में सुधार आया है और लंबित मामलों को जल्द समाप्त करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
वे विशेष रूप से कोयलांचल, BCCL, कोलियरियों, औद्योगिक क्षेत्रों, स्थानीय प्रशासन और जनहित के मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।
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