Ranchi: झारखंड के पंचायत चुनावों में इस बार एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। राज्य सरकार पहली बार अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को पंचायत चुनाव में आरक्षण देने की तैयारी कर रही है। अगर सब कुछ योजना के मुताबिक चला, तो 2027 के पंचायत चुनाव में OBC समुदाय को इसका सीधा लाभ मिल सकता है।
जानकारी के अनुसार, अलग-अलग राज्यों की चुनावी व्यवस्थाओं का अध्ययन कर लौटे आईएएस अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर पंचायती राज विभाग अब “ट्रिपल टेस्ट” प्रक्रिया को लागू करने पर अंतिम फैसला लेने की तैयारी में है।
ट्रिपल टेस्ट प्रक्रिया क्या है?
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक, किसी भी स्थानीय निकाय चुनाव में OBC आरक्षण लागू करने से पहले “ट्रिपल टेस्ट” प्रक्रिया को पूरा करना जरूरी होता है। इसमें तीन मुख्य चरण शामिल हैं:
- डेटा कलेक्शन और सर्वे
राज्य का पिछड़ा वर्ग आयोग पंचायत स्तर पर जाकर OBC आबादी और उनकी राजनीतिक भागीदारी से जुड़ा विस्तृत डेटा जुटाएगा और एक रिपोर्ट तैयार करेगा। - 50% आरक्षण सीमा का पालन
यह सुनिश्चित किया जाएगा कि SC, ST और OBC को मिलाकर कुल आरक्षण 50 प्रतिशत से ज्यादा न हो। - रोटेशन सिस्टम लागू करना
जुटाए गए आंकड़ों के आधार पर यह तय किया जाएगा कि किन पंचायतों या वार्डों को OBC के लिए आरक्षित किया जाए।
2022 में OBC आरक्षण क्यों नहीं मिल पाया?
2022 के पंचायत चुनाव में ट्रिपल टेस्ट प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद OBC के लिए तय सीटों को सामान्य श्रेणी में बदलकर चुनाव कराए गए थे। इस फैसले को लेकर काफी राजनीतिक बहस भी हुई थी और विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए थे।
पंचायतों की स्थिति और OBC का राजनीतिक महत्व
झारखंड में पंचायत व्यवस्था काफी व्यापक है, जिसमें शामिल हैं:
- 4345 ग्राम पंचायतें
- 264 पंचायत समितियां
- 24 जिला परिषद
राज्य में OBC एक बड़ा वोट बैंक माना जाता है, इसलिए इस वर्ग को आरक्षण देना राजनीतिक रूप से भी काफी अहम मुद्दा बन गया है। यही वजह है कि सरकार 2027 चुनाव से पहले सभी जरूरी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करना चाहती है।
आगे क्या उम्मीद की जा सकती है?
अब सबकी नजर इस बात पर है कि ट्रिपल टेस्ट प्रक्रिया कितनी जल्दी पूरी होती है। अगर यह समय पर पूरा हो जाता है, तो 2027 का पंचायत चुनाव झारखंड के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ साबित हो सकता है, जहां पहली बार OBC आरक्षण लागू होगा।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
वे विशेष रूप से कोयलांचल, BCCL, कोलियरियों, औद्योगिक क्षेत्रों, स्थानीय प्रशासन और जनहित के मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।
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