रांची: झारखंड में करीब 26 दिनों तक चले छात्र आंदोलन को लेकर सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने शनिवार को BJP पर तीखा हमला बोला। JMM के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सरकार ने छात्रों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए कई फैसले लिए हैं, लेकिन BJP आंदोलन खत्म होने के बाद भी इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीतिक रोटी सेंकने का प्रयास किया जा रहा है।
वहीं, प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद अनंत प्रताप देव ने BJP नेता भानु प्रताप शाही को लेकर CBI और ED से जुड़े मामलों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वर्षों से चल रहे मामलों में अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई, जबकि BJP भ्रष्टाचार के खिलाफ राजनीति करने का दावा करती है।
26 दिन चले छात्र आंदोलन को JMM का समर्थन
मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि झारखंड में छात्रों का आंदोलन करीब 26 दिनों तक चला। JMM और इंडिया अलायंस से जुड़े दलों तथा JMM के छात्र, युवा, महिला और अन्य संगठनों ने छात्रों को नैतिक समर्थन दिया।
उन्होंने कहा कि यह समर्थन राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि झारखंडी युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए था। ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी शुरू से स्पष्ट किया है कि सरकार छात्रों और युवाओं के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगी।
JPSC-JSSC में अनियमितताओं का मुद्दा उठाया
मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि झारखंड गठन के बाद से JSSC और JPSC की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने शुरुआती JPSC परीक्षाओं में जांच का हवाला देते हुए कहा कि कुछ मामलों में ACB और बाद में CBI जांच की प्रक्रिया शुरू हुई थी।
उन्होंने सवाल उठाया कि इन जांचों का अंतिम परिणाम क्या रहा, इसकी जानकारी अब तक सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं है।
कई परीक्षाओं को रद्द करने का दावा
मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में सामने आई गड़बड़ियों के बाद कई परीक्षाओं पर कार्रवाई की है। उन्होंने 14वीं JPSC, 11वीं से 13वीं JPSC, CDPO और फूड सेफ्टी ऑफिसर समेत कई परीक्षाओं का जिक्र किया।
उनके मुताबिक, इन फैसलों के बाद वास्तविक अभ्यर्थियों में यह उम्मीद बनी कि उन्हें निष्पक्ष प्रक्रिया के जरिए उनका अधिकार मिलेगा।
कोर्ट के आदेश को लेकर मिथिलेश ठाकुर ने दी जानकारी
छात्र आंदोलन से जुड़े मामले में न्यायालय की कार्रवाई का जिक्र करते हुए मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि अदालत ने अभी अंतिम फैसला नहीं दिया है। उनके अनुसार, फिलहाल स्टेटस को लेकर आदेश है और सरकार को अपना पक्ष रखने के लिए 15 दिनों का समय मिला है।
उन्होंने कहा कि जिन सफल अभ्यर्थियों की नियुक्ति हो चुकी है, उन्हें अंडरटेकिंग देनी होगी। जांच में दोषी पाए जाने की स्थिति में उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी और उन्हें मिले लाभ वापस लेने की प्रक्रिया भी हो सकती है।
BJP पर आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का आरोप
मिथिलेश ठाकुर ने BJP पर छात्र आंदोलन को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों पर सरकार की ओर से कार्रवाई होने के बावजूद आंदोलन को खत्म नहीं होने देने की कोशिश की गई।
ठाकुर ने आरोप लगाया कि कुछ लोग छात्रों को गुमराह कर रहे हैं और आंदोलन की आड़ में राजनीतिक फायदा लेने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने छात्रों और बेरोजगार युवाओं से ऐसे लोगों के बहकावे में नहीं आने की अपील की।
पुतला दहन पर भी JMM का पलटवार
मुख्यमंत्री के पुतला दहन को लेकर मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि JMM की ओर से इस तरह की किसी कार्रवाई का कोई निर्देश नहीं दिया गया था। उन्होंने दावा किया कि पुतला दहन में शामिल लोग वास्तविक छात्र और बेरोजगार युवा नहीं, बल्कि BJP से जुड़े कार्यकर्ता थे।
ठाकुर ने इस घटना को BJP की कथित राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बताया। हालांकि, ये आरोप JMM नेता के बयान पर आधारित हैं और ट्रांसक्रिप्ट में इनके समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है।
‘छात्रों की 11 मांगें मानी गईं’
मिथिलेश ठाकुर ने दावा किया कि आंदोलन में वास्तविक छात्रों की करीब 11 मांगों को सरकार ने मान लिया है। उन्होंने कहा कि अब मामले का आगे का रास्ता न्यायालय की प्रक्रिया से तय होगा।
उन्होंने कहा कि न्यायालय से ऊपर कोई संस्था नहीं है और सभी पक्षों को अदालत के आदेश का सम्मान करना चाहिए।
बाहरी लोगों को आंदोलन में लाने का भी आरोप
मिथिलेश ठाकुर ने BJP पर आरोप लगाया कि आंदोलन को प्रभावित करने के लिए बिहार, बंगाल और उत्तर प्रदेश से लोगों को लाया गया। उन्होंने दावा किया कि ये लोग वास्तविक छात्र नहीं थे और आंदोलन को भड़काने के लिए उनका इस्तेमाल किया गया।
उन्होंने कहा कि झारखंड के छात्रों ने पूरे आंदोलन के दौरान संयम बनाए रखा और सरकार की ओर से मांगें स्वीकार किए जाने के बाद मुख्यमंत्री का पुतला दहन करने का कोई औचित्य नहीं था।
‘JPSC-JSSC में ऐसा सुधार होगा कि गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं रहेगी’
मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि 2019 के बाद सरकार ने छात्रों, युवाओं, किसानों, मजदूरों और अन्य वर्गों के अधिकारों को लेकर लगातार काम किया है। उन्होंने कहा कि JPSC, JSSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसी व्यवस्था तैयार की जाएगी, जिससे योग्य उम्मीदवारों को उनका अधिकार मिले और भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।
उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में आगे और सुधार किए जाने का दावा करते हुए कहा कि भर्ती व्यवस्था में बाकी सुधार भी जल्द दिखाई देंगे।
भानु प्रताप शाही पर अनंत प्रताप देव का हमला
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दूसरे हिस्से में अनंत प्रताप देव ने BJP नेता भानु प्रताप शाही को लेकर CBI और ED मामलों का मुद्दा उठाया।
अनंत प्रताप देव ने दावा किया कि भानु प्रताप शाही के खिलाफ लंबे समय से CBI और ED से जुड़े मामले चल रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने वर्षों के बाद भी इन मामलों में निर्णायक कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि BJP भ्रष्टाचार के खिलाफ राजनीति करती है, लेकिन उसके नेताओं से जुड़े मामलों पर भी जवाब देना चाहिए। इसी संदर्भ में उन्होंने भानु प्रताप शाही को लेकर BJP पर निशाना साधा और कहा कि पार्टी को इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
‘BJP सामने आकर राजनीति करे’
अनंत प्रताप देव ने BJP पर छात्र आंदोलन के पीछे राजनीतिक भूमिका निभाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि BJP को सरकार के फैसलों पर आपत्ति है तो उसे सीधे राजनीतिक तौर पर सामने आकर मुकाबला करना चाहिए, छात्रों के आंदोलन के पीछे रहकर नहीं।
उन्होंने बिहार और बंगाल समेत अन्य राज्यों से लोगों को आंदोलन में लाए जाने और आंदोलन के लिए फंडिंग किए जाने के आरोप भी लगाए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि ट्रांसक्रिप्ट में उपलब्ध नहीं है।
छात्रों से न्यायालय के आदेश का सम्मान करने की अपील
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में JMM नेताओं ने छात्रों से अपील की कि वे न्यायालय की प्रक्रिया का सम्मान करें और राजनीतिक बहकावे में न आएं। मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि सरकार संवेदनशील है और निर्दोष छात्रों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
झारखंड में करीब 26 दिनों तक चले छात्र आंदोलन के बाद JPSC-JSSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में है। JMM सरकार के फैसलों को छात्रों के हित में बता रहा है, जबकि BJP पर आंदोलन को राजनीतिक रूप देने का आरोप लगा रहा है। दूसरी ओर, मामला न्यायालय में लंबित है और आगे की प्रक्रिया अदालत के निर्देशों के अनुसार आगे बढ़ेगी।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
वे विशेष रूप से कोयलांचल, BCCL, कोलियरियों, औद्योगिक क्षेत्रों, स्थानीय प्रशासन और जनहित के मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।
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