Jharkhand: झारखंड में विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR 2026) का अभियान मंगलवार (30 जून) से शुरू हो गया है। इसके तहत बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) राज्यभर में घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र (Enumeration Form) वितरित करेंगे। सभी मतदाताओं को यह फॉर्म भरकर 29 जुलाई 2026 तक अपने संबंधित बीएलओ को जमा करना होगा।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि फॉर्म प्राप्त होते ही उसमें आवश्यक जानकारी भरें, हस्ताक्षर करें और समय पर बीएलओ को वापस सौंप दें, ताकि उनका नाम मतदाता सूची में बना रहे।
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घर-घर जाकर क्या करेंगे BLO?
विशेष पुनरीक्षण अभियान के दौरान बीएलओ प्रत्येक मतदाता के घर पहुंचकर आंशिक रूप से भरा हुआ गणना प्रपत्र देंगे। मतदाता को इसमें अपनी जानकारी की पुष्टि करनी होगी, आवश्यक विवरण भरना होगा और हस्ताक्षर करके फॉर्म वापस बीएलओ को देना होगा।
बीएलओ फॉर्म की दो प्रतियां देंगे। एक प्रति बीएलओ के पास जमा होगी, जबकि दूसरी प्रति मतदाता के पास रसीद (पावती) के रूप में रहेगी।
निर्वाचन विभाग के अनुसार, जो मतदाता 29 जुलाई तक गणना प्रपत्र जमा कर देंगे, उनका नाम 5 अगस्त को प्रकाशित होने वाली प्रारूप मतदाता सूची में शामिल रहेगा।
2003 की मतदाता सूची से होगी मैपिंग
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि वर्ष 2003 की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) मतदाता सूची से जिन मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है, उन्हें सामान्यतः अतिरिक्त दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं होगी।
जिन मतदाताओं की मैपिंग अभी तक नहीं हुई है, वे बीएलओ को आवश्यक जानकारी देकर अपनी मैपिंग पूरी करा सकते हैं।
नए मतदाता ऐसे कराएं पंजीकरण
यदि आपकी आयु 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष पूरी हो रही है, तो आप नए मतदाता के रूप में आवेदन कर सकते हैं।
इसके लिए आपको:
- फॉर्म-6 भरना होगा।
- घोषणा पत्र संलग्न करना होगा।
- जन्मतिथि और पहचान से जुड़े आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे।
- आवश्यकता पड़ने पर माता-पिता के दस्तावेज या वर्ष 2003 की मतदाता सूची का संबंधित पृष्ठ भी मान्य होगा।
SIR 2026 की महत्वपूर्ण तारीखें
| तारीख | प्रक्रिया |
| 30 जून – 29 जुलाई | बीएलओ द्वारा घर-घर सत्यापन एवं गणना प्रपत्र वितरण |
| 29 जुलाई | मतदान केंद्रों का रेशनलाइजेशन |
| 5 अगस्त | प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन |
| 5 अगस्त – 4 सितंबर | दावा एवं आपत्ति दर्ज करने की अवधि |
| 5 अगस्त – 3 अक्टूबर | नोटिस एवं दावों का निस्तारण |
| 7 अक्टूबर | अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन |
निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि गणना प्रपत्र में गलत घोषणा या झूठी जानकारी देना लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत दंडनीय अपराध है।
विभाग का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो।
82.08% मतदाताओं की हो चुकी है मैपिंग
- कुल मतदाता: 2,64,63,236
- मैपिंग पूरी: 2,17,20,731
- मैपिंग शेष: 47,42,505
- मैपिंग प्रतिशत: 82.08%
शिकायत या जानकारी के लिए 1950 हेल्पलाइन
यदि मतदाता सूची पुनरीक्षण से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत, सुझाव या जानकारी चाहिए, तो निर्वाचन विभाग की 1950 हेल्पलाइन पर संपर्क किया जा सकता है। विभाग के अनुसार, कॉल सेंटर पर आने वाली शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जा रहा है।
कंटेंट राइटर एवं रिपोर्टर, खबर मन्त्र। झारखंड के स्थानीय समाचार, महिला विकास, कला और लाइफस्टाइल खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।











