Jharkhand: झारखंड में नवंबर की शुरुआत बारिश के साथ हुई है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ का असर राज्य के मौसम पर भी देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, 4 नवंबर तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं, 5 नवंबर से आसमान साफ होने के आसार हैं। बादल छंटने के बाद 6 नवंबर से तापमान में गिरावट आ सकती है। ऐसे में छठ पूजा के बाद सुबह और रात के समय ठंड बढ़ने की संभावना है।
4 नवंबर तक झारखंड के इन जिलों में बारिश के आसार
नवंबर के पहले दिन राजधानी रांची समेत आसपास के कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई। मौसम में आए इस बदलाव के पीछे बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ को प्रमुख कारण माना जा रहा है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 3 नवंबर को झारखंड के उत्तर-पूर्वी, मध्य और दक्षिणी हिस्सों में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। वहीं, 4 नवंबर को भी आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। इस दौरान कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है।
IMD Alert: 100 से 110 किमी की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ करीब 27 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। मौसम संबंधी अनुमान के अनुसार, इसके 2 नवंबर की सुबह तक गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना जताई गई है। इसके बाद तूफान उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकता है। अनुमान है कि 2 नवंबर की आधी रात से 3 नवंबर की सुबह के बीच यह आंध्र प्रदेश के नेल्लोर और नरसापुर के बीच तट से टकरा सकता है।
तूफान के तट से टकराने के दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। वहीं, हवा के झोंके 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक चलने का अनुमान है। इसके प्रभाव से झारखंड में भी मौसम प्रभावित हो सकता है और कुछ इलाकों में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
जानें कब से साफ होगा मौसम, 2 से 3 डिग्री तक गिर सकता है पारा
मौसम विभाग के अनुसार, 5 नवंबर से झारखंड में आसमान साफ होने की संभावना है। चक्रवाती तूफान का प्रभाव कम होने के बाद 6 नवंबर से न्यूनतम तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है। अनुमान है कि बादल छंटने के बाद न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ सकती है। फिलहाल राजधानी रांची में गुलाबी ठंड का एहसास हो रहा है, लेकिन आने वाले दिनों में सुबह और रात के समय ठंड का असर बढ़ सकता है।
मौसम साफ होने के बाद मैदानी और जंगली इलाकों में सुबह धुंध छाने की संभावना है। कुछ स्थानों पर घना कोहरा भी देखने को मिल सकता है। खासकर 15 नवंबर के बाद कनकनी बढ़ने के आसार हैं। वहीं, नवंबर के अंतिम सप्ताह में ठंड और तेज हो सकती है।
पिछले पांच वर्षों में 2025 में सबसे कम रहा रांची का न्यूनतम तापमान
रांची में नवंबर महीने के पिछले पांच वर्षों के तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2025 में सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया था। उस दौरान पारा गिरकर 8.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था।
पिछले वर्षों में नवंबर के दौरान दर्ज न्यूनतम तापमान का आंकड़ा इस प्रकार रहा:
- 2021:4 डिग्री सेल्सियस
- 2022:6 डिग्री सेल्सियस
- 2023:9 डिग्री सेल्सियस
- 2024:6 डिग्री सेल्सियस
- 2025:4 डिग्री सेल्सियस
इस बार नवंबर की शुरुआत में चक्रवाती तूफान के कारण मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। पहले सप्ताह में बारिश के बाद मौसम साफ होने और तापमान में गिरावट आने की संभावना है।
कुल मिलाकर, झारखंड में फिलहाल बारिश और बादलों का दौर जारी रह सकता है। इसके बाद सुबह-शाम ठंड बढ़ने के साथ कोहरे का असर भी देखने को मिल सकता है। ऐसे में छठ पूजा के बाद राज्यवासियों को ठंड का अहसास ज्यादा होने लगेगा।
कंटेंट राइटर एवं रिपोर्टर, खबर मन्त्र। झारखंड के स्थानीय समाचार, महिला विकास, कला और लाइफस्टाइल खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।







