क्यों भड़का है छात्रों का यह आंदोलन?
राजधानी रांची में चल रहा यह छात्र आंदोलन कोई एक-दो दिन का मामला नहीं है। पिछले 15 दिनों से छात्र सड़क पर हैं और भूख हड़ताल कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर झोल-झाल हुआ है:
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सीटों की खरीद-फरोख्त: पैसे लेकर अयोग्य उम्मीदवारों को पास कराने के गंभीर आरोप सामने आए हैं।
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पेपर लीक और ओएमआर में हेराफेरी: घर पर प्रश्न पत्र मंगाकर परीक्षा लिखवाने और खाली OMR शीट को बाद में भरने जैसी धांधलियों ने छात्रों का भविष्य अंधकार में डाल दिया है।
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बिगड़ती सेहत: लगातार भूख हड़ताल पर बैठे रहने के कारण कई छात्रों की तबीयत तक बिगड़ चुकी है, लेकिन प्रशासन की तरफ से ठोस कदम न उठाए जाने से युवाओं में भारी आक्रोश है।
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विधायक जयराम महतो की सरकार को दो-टूक चेतावनी
अनशन पर बैठने से पहले जयराम महतो ने साफ शब्दों में सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि छात्रों की यह आवाज पूरे राज्य और देश के कानों तक गूंज रही है, लेकिन शायद सरकार के बहरे कानों तक यह बात नहीं पहुंच रही है।
उन्होंने सरकार के सामने तीन मुख्य मांगें रखी हैं:
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परीक्षाओं को रद्द करें: TDPL द्वारा ली गई JPSC और JSSC की सभी विवादित नियुक्ति परीक्षाओं को तुरंत रद्द किया जाए।
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दोषियों पर शिकंजा: इस पूरे घोटाले में शामिल दोषियों को गिरफ्तार किया जाए और इसकी जांच CBI या ED से कराई जाए।
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पदाधिकारियों की संलिप्तता की जांच: आयोग के जिन-जिन अधिकारियों और पदाधिकारियों के नाम इस गड़बड़ी में आ रहे हैं, उनकी निष्पक्ष जांच हो।
समाज के हर वर्ग से समर्थन की अपील
जयराम महतो ने सिर्फ राजनीति करने के बजाय इस मुद्दे को एक जन-आंदोलन बनाने की अपील की है। उन्होंने राज्य के मजदूरों, किसानों, व्यापारियों, वकीलों और प्रोफेसरों से आग्रह किया है कि वे अपने-अपने स्तर पर, चाहे दो घंटे धरنة देकर या मौन रखकर, इन पीड़ित छात्रों का साथ दें। उनका साफ कहना है कि अगर इस एक दिन के उपवास से सरकार नहीं जागी, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन की रूपरेखा और भी कड़ी होगी।
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वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक। झारखंड, बिहार और राष्ट्रीय राजनीति, शिक्षा, प्रशासनिक मामलों और विकास नीतियों पर 10+ वर्षों का जमीनी पत्रकारिता अनुभव। निष्पक्ष और प्रमाणिक समाचार रिपोर्टिंग के लिए समर्पित।








