रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की JSSC-CGL परीक्षा विवाद की जांच कर रही CID की SIT शनिवार को लगातार तीसरे दिन नामकुम स्थित आयोग के कार्यालय पहुंची। टीम ने कार्यालय में मौजूद कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों, रिकॉर्ड और परीक्षा से जुड़े अन्य कागजात की जांच की। इससे पहले गुरुवार और शुक्रवार को भी SIT ने JSSC कार्यालय पहुंचकर जांच की थी।
जांच के दौरान टीम परीक्षा से जुड़े रिकॉर्ड के साथ-साथ उन दस्तावेजों को भी खंगाल रही है, जिनसे परीक्षा में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के नेटवर्क तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
300 से ज्यादा संदिग्धों से पूछताछ, 22 और लोगों को समन
JSSC-CGL मामले में SIT ने जांच का दायरा लगातार बढ़ाया है। शुक्रवार को टीम ने 22 अभ्यर्थियों और संदिग्धों को समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया। पूछताछ के बाद उनके विस्तृत बयान दर्ज किए गए।
अब तक SIT 300 से अधिक संदिग्धों, कथित बिचौलियों और सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ कर चुकी है। जांच एजेंसी परीक्षा केंद्रों से जुड़े रिकॉर्ड के साथ अभ्यर्थियों की गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही है।
मोबाइल CDR से तैयार हो रहा संपर्कों का तकनीकी खाका
जांच में अब तकनीकी साक्ष्यों पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। संदिग्ध अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्रों की जानकारी जुटाने के साथ परीक्षा के दौरान इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों की CDR यानी कॉल डिटेल रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
SIT यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा के आसपास और परीक्षा के दौरान संदिग्ध अभ्यर्थियों का किन लोगों से संपर्क था। जांच का एक अहम पहलू कथित बिचौलियों, सॉल्वर गैंग और अन्य संदिग्ध नेटवर्क के बीच संपर्कों की कड़ियां जोड़ना है।
CDR और दूसरे तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच एजेंसी पूरे नेटवर्क का संभावित कनेक्शन मैप तैयार कर रही है।
ICN के दो कर्मचारियों की रिमांड खत्म, जेल भेजे जाएंगे
इधर परीक्षा संचालन से जुड़ी आउटसोर्स एजेंसी ICN के दिल्ली से गिरफ्तार किए गए दो कर्मचारियों सोमांश प्रकाश और राहुल कुमार की आठ दिनों की पुलिस रिमांड शनिवार दोपहर समाप्त हो रही है।
रिमांड अवधि पूरी होने के बाद CID दोनों आरोपियों को रांची स्थित विशेष CID अदालत में पेश करेगी। इसके बाद अदालत के आदेश के अनुसार दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजे जाने की प्रक्रिया होगी।
आठ दिनों की पूछताछ में जांच एजेंसी ने परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक नेटवर्क, प्रश्नपत्र की सुरक्षा व्यवस्था और इसमें संभावित सेंधमारी के तरीकों को लेकर जानकारी जुटाई है। CID को मामले में कथित तौर पर जुड़े अन्य लोगों और नेटवर्क के संबंध में भी अहम सुराग मिलने की बात सामने आई है।
आगे और गिरफ्तारियां संभव
JSSC-CGL विवाद की जांच अब दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ तकनीकी और मानवीय इनपुट के आधार पर आगे बढ़ रही है। 300 से अधिक लोगों से पूछताछ, मोबाइल CDR की जांच और परीक्षा संचालन से जुड़े कर्मचारियों से पूछताछ के बाद SIT कथित नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
जांच में सामने आने वाले नए तथ्यों के आधार पर आने वाले दिनों में अन्य संदिग्धों से पूछताछ और संभावित गिरफ्तारियों का दायरा बढ़ सकता है।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
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