चिरकुंडा: कुमारधुबी और आसपास के इलाकों में कथित ब्राउन शुगर कारोबार को लेकर पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल पुलिस ने कुमारधुबी के शिवलीबाड़ी निवासी मोहम्मद मुख्तार को आसनसोल बस स्टैंड के पास कथित तौर पर 300 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब नशीले पदार्थ की सप्लाई के स्रोत और इसके संभावित खरीदारों का पता लगाने में जुटी है।
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी के पास प्रतिबंधित नशीला पदार्थ कहां से पहुंचा और इसे आगे किसे सप्लाई किया जाना था। पूछताछ के आधार पर इस मामले में नशे के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
पहले बेटा दानिश भी हो चुका है गिरफ्तार
मामले में एक महत्वपूर्ण कड़ी यह भी सामने आई है कि इससे पहले पश्चिम बंगाल पुलिस ने मोहम्मद मुख्तार के बेटे दानिश को भी कथित तौर पर ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किया था। पिता-पुत्र की गिरफ्तारी के बाद कुमारधुबी क्षेत्र में नशीले पदार्थों की कथित तस्करी और इसके नेटवर्क को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
हालांकि, किसी व्यक्ति को नशे के कारोबार से जुड़ा होने का अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही निकलेगा।
सप्लायर से लेकर खरीदार तक खंगाली जा रही कड़ियां
पश्चिम बंगाल पुलिस गिरफ्तार मोहम्मद मुख्तार से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस कथित कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। जांच में संभावित सप्लायर, खरीदार और सहयोगियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ और जांच के दौरान नशीले पदार्थों की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।
समाजसेवा की आड़ में कारोबार के आरोप, पुष्टि जांच के बाद
स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा है कि क्षेत्र में सामाजिक गतिविधियों से जुड़े कुछ लोगों पर नशीले पदार्थों के कथित कारोबार से संबंध होने के आरोप लगाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि सामाजिक गतिविधियों की आड़ में कोई व्यक्ति नशीले पदार्थों के कारोबार में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
हालांकि, समाजसेवा की आड़ में ब्राउन शुगर का कारोबार किए जाने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस संबंध में वास्तविक स्थिति पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
कमेटी बनने के बाद भी नशे के कारोबार पर सवाल
क्षेत्र में ब्राउन शुगर की रोकथाम को लेकर स्थानीय स्तर पर कमेटी बनाए जाने की बात भी सामने आई है। इसके बावजूद नशीले पदार्थों के कथित कारोबार से जुड़ी कार्रवाई सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल बैठकें और कमेटियां बनाने से समस्या खत्म नहीं होगी। नशे की सप्लाई करने वालों से लेकर इसे खरीदने और आगे पहुंचाने वाले लोगों तक पूरे नेटवर्क की पहचान कर कार्रवाई की जरूरत है।
निरसा पुलिस की भी नजर, जल्द खुलासे का दावा
निरसा एसडीपीओ लीलेश्वर महतो के अनुसार, ब्राउन शुगर के कारोबार और तस्करी के खिलाफ निरसा पुलिस लगातार निगरानी और कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि दानिश और उसके पिता मोहम्मद मुख्तार की गतिविधियों पर भी पुलिस की नजर थी।
एसडीपीओ के मुताबिक, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी और कार्रवाई की तैयारी की जा रही थी, लेकिन इसी बीच पश्चिम बंगाल पुलिस ने मोहम्मद मुख्तार को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने कहा कि नशे के कथित कारोबार से जुड़े अन्य लोगों पर भी पुलिस की नजर है और जांच के आधार पर जल्द पूरे मामले का खुलासा किया जा सकता है।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि 300 ग्राम ब्राउन शुगर की यह खेप कहां से आई और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
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