गिरिडीह:श्रीजगन्नाथ जी की भव्य रथयात्रा शुक्रवार को गिरिडीह में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाई गई. 14 दिनों के एकांतवास के बाद भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकले. रथ यात्रा के दर्शन हेतु भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी, जिन्होंने जयकारों और पूजा अर्चना के साथ भगवान का स्वागत किया.
बरगंडा और आईसीआर रोड पर मुख्य आयोजन
गिरिडीह शहर में विभिन्न मंदिरों में रथ यात्रा का आयोजन किया गया. बरगंडा स्थित श्रीश्री शारदेश्वरी आश्रम में आश्रम की माता के सान्निध्य में भक्तों ने मंदिर परिसर में रथ खींचा और भगवान जगन्नाथ का आवाह्न किया. वहीं शहर के आईसीआर रोड स्थित पुरात्तन शिवालय में भी भव्य रथयात्रा निकाली गई.
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ निकली शोभायात्रा
मंदिर के मुख्य पुजारी सतीश्वर मिश्रा द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की विधिवत पूजा-अर्चना की गई. इसके बाद तीनों को रथ पर विराजमान कर पूरे शहर में भ्रमण कराया गया. रथ खींचने के लिए बड़ी संख्या में युवा आगे आए और पूरे उत्साह के साथ जयकारों के बीच रथ खींचते रहे.
भक्तों ने बारिश में भी नहीं छोड़ा साथ
भारी बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ. भक्तों ने ‘जय जगन्नाथ’ के नारों के साथ रथ यात्रा में भाग लिया. राजेंद्र लाल राजन, सुशील सुराना, अशोक भदानी समेत कई गणमान्य श्रद्धालु यात्रा में शामिल रहे.
मौसीबाड़ी में हुआ भगवान का आगमन
शहर भ्रमण के बाद रथ यात्रा का समापन छोटकी दुर्गा मंडप स्थित मौसीबाड़ी में हुआ, जहां भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को भक्तों द्वारा विशेष श्रद्धा के साथ विराजमान किया गया.
यह पर्व गिरिडीह में धार्मिक एकता, श्रद्धा और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बन गया है, जिसमें हर वर्ग के लोग एक साथ आकर भक्ति के इस अनूठे उत्सव में शामिल होते हैं.












