देश के कई हिस्सों में एलपीजी गैस को लेकर बढ़ती चिंता के बीच अब साइबर ठगी का खतरा भी तेजी से बढ़ गया है। गैस सिलेंडर की बढ़ती मांग और सप्लाई को लेकर फैल रही अफवाहों के कारण लोग जल्दबाजी में बुकिंग करने की कोशिश कर रहे हैं। इसी का फायदा उठाकर साइबर ठग लोगों को निशाना बना रहे हैं।
मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और सप्लाई चेन में संभावित रुकावट की खबरों के बीच कई जगहों पर गैस सिलेंडर की मांग अचानक बढ़ गई है। इस स्थिति में ठग फर्जी गैस बुकिंग ऑफर और लिंक भेजकर लोगों से पैसे ऐंठ रहे हैं।
साइबर ठग कैसे बनाते हैं लोगों को शिकार?
साइबर अपराधी खुद को गैस एजेंसी का कर्मचारी बताकर फोन, मैसेज या व्हाट्सएप के जरिए संपर्क करते हैं।
वे लोगों से कहते हैं कि
- जल्द ही गैस सिलेंडर की भारी कमी होने वाली है
- अभी तुरंत बुकिंग नहीं की तो सिलेंडर नहीं मिलेगा
इसके बाद वे एक फर्जी लिंक भेजते हैं और एडवांस पेमेंट करने के लिए कहते हैं।
इस तरह खाते से गायब हो जाते हैं पैसे
ठग आमतौर पर इन तरीकों का इस्तेमाल करते हैं:
- फर्जी गैस बुकिंग वेबसाइट का लिंक
- UPI या QR कोड के जरिए भुगतान
- बैंक डिटेल्स और कार्ड नंबर मांगना
- OTP साझा करने के लिए कहना
जैसे ही कोई व्यक्ति भुगतान करता है, न तो सिलेंडर आता है और न ही पैसे वापस मिलते हैं।
तेल कंपनियों ने क्या कहा?
देश की प्रमुख गैस कंपनियां जैसे Indian Oil Corporation (Indane), Bharat Petroleum (BharatGas) और Hindustan Petroleum (HP Gas) लगातार लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील कर रही हैं।
कंपनियों के मुताबिक घरेलू एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई सामान्य है और अधिकांश जगहों पर 2–3 दिनों के भीतर डिलीवरी हो रही है।
साइबर ठगी से बचने के लिए ये सावधानियां रखें
✔ गैस सिलेंडर की बुकिंग केवल आधिकारिक ऐप या वेबसाइट से करें
✔ IVRS नंबर से बुकिंग करें (जैसे Indane – 7718955555)
✔ किसी अनजान लिंक या कॉल पर भरोसा न करें
✔ OTP, बैंक डिटेल्स या कार्ड जानकारी कभी साझा न करें
अगर किसी के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो तुरंत 1930 (नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन) पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
LPG संकट की खबरों के कारण लोग घबराकर जल्दी बुकिंग कराने की कोशिश कर रहे हैं। यही घबराहट साइबर ठगों के लिए मौका बन रही है। इसलिए जरूरी है कि सावधान रहें और केवल आधिकारिक माध्यम से ही गैस सिलेंडर बुक करें।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
वे विशेष रूप से कोयलांचल, BCCL, कोलियरियों, औद्योगिक क्षेत्रों, स्थानीय प्रशासन और जनहित के मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।
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