किसानों को मिलेगी भंडारण से लेकर मार्केटिंग तक सुविधा
प्रस्तावित मॉडल पैकहाउस एवं कृषि-प्रसंस्करण केंद्र में किसानों की उपज के वैज्ञानिक भंडारण, ग्रेडिंग, पैकेजिंग, प्रसंस्करण और विपणन की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे फल और सब्जियों की गुणवत्ता एवं बाजार में उनकी मांग बढ़ाने के साथ-साथ किसानों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी। सरकार का जोर कृषि उत्पादों को केवल कच्चे रूप में बेचने के बजाय उनमें मूल्य संवर्धन (Value Addition) कर किसानों की आमदनी बढ़ाने पर है। इसके लिए उद्यानिकी आधारित योजनाओं को प्रसंस्करण और बाजार से जोड़ने की रणनीति अपनाई जा रही है।मधुमक्खी पालन योजना के लिए बनेगी समर्पित वेबसाइट
समीक्षा बैठक में मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने मधुमक्खी पालन योजना को प्रभावी बनाने के लिए एक समर्पित वेबसाइट तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योजना से लाभान्वित प्रत्येक किसान की विस्तृत प्रोफाइल वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाए। वेबसाइट पर किसानों की सफलता की कहानियों और मधुमक्खी पालन से उनके जीवन में आए बदलावों को भी प्रमुखता से प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा मधु उत्पादों को बाजार से जोड़ने के लिए बेहतर मार्केट लिंकेज विकसित करने पर भी जोर दिया गया।हाईटेक नर्सरी और उद्यानिकी पार्क पर भी जोर
मंत्री ने हाईटेक नर्सरी सह उद्यानिकी पार्क की स्थापना से जुड़ी आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा। इसके लिए आईसीएआर-आईआईएचआर, बेंगलुरु से विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) प्राप्त कर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश अधिकारियों को दिया गया। बैठक में गोधन न्याय योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विस्तृत वर्क प्लान प्रस्तुत करने को भी कहा गया।क्लस्टर आधारित खेती को मिलेगा बढ़ावा
उद्यान विकास योजनाओं को ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए मंत्री ने क्लस्टर आधारित दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया। उनका कहना है कि इससे किसानों को तकनीकी सहायता, बेहतर बाजार और अधिक आय के अवसर मिल सकेंगे। उद्यान निदेशालय में पदस्थापित सभी पांच सहायक निदेशकों को एक-एक प्रमंडल की जिम्मेदारी देने का निर्देश भी दिया गया है। अधिकारियों को नियमित क्षेत्र भ्रमण और योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग करने को कहा गया है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ किसानों तक समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंच सके।उत्पादन से बाजार तक मजबूत व्यवस्था बनाने का लक्ष्य
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि झारखंड के उद्यानिकी क्षेत्र को आत्मनिर्भर, तकनीक-संपन्न और किसानोन्मुख बनाने के लिए विभाग को परिणाम आधारित तरीके से काम करना होगा। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए उत्पादन के साथ प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और बाजार से जुड़ाव पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य किसानों को उत्पादन से लेकर विपणन तक मजबूत व्यवस्था उपलब्ध कराना है, ताकि झारखंड के कृषि और उद्यानिकी उत्पाद राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक बाजार में भी अपनी पहचान बना सकें।बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में विभाग के सचिव अबूबकर सिद्दीक पी., विशेष सचिव गोपाल जी तिवारी, उद्यान निदेशक परवीन टोप्पो समेत विभाग के अन्य वरीय अधिकारी मौजूद रहे।
विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
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