Ranchi: झारखंड में CCTV इंस्टॉलेशन को लेकर एक नया राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर CCTV टेंडर में बड़े भ्रष्टाचार की आशंका जताते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में CCTV इंस्टॉलेशन की निविदा प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं और यह मामला शराब घोटाले की तरह किसी खास कंपनी को फायदा पहुंचाने की कोशिश जैसा दिख रहा है।
टेंडर रद्द हुआ, लेकिन फिर उसी खेल की तैयारी
बाबूलाल मरांडी ने अपने पत्र में कहा कि पहले जारी की गई निविदा को निरस्त कर दिया गया, लेकिन अब दोबारा उसी तरह की निविदा निकाली गई है। उन्होंने दावा किया कि पूरी प्रक्रिया को एक खास सिंडिकेट के अनुसार तैयार किया जा रहा है। पत्र में उन्होंने टाटा एडवांस्ड सिस्टम का भी जिक्र किया और कहा कि कुछ प्रभावशाली लोगों के साथ मिलकर इस कंपनी को लाभ पहुंचाने की कोशिश हो रही है।
जो जितना बड़ा भ्रष्टाचारी, वो उतना बड़ा अधिकारी-बाबूलाल
मरांडी ने अपने आरोपों में पूर्व आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल का नाम लेते हुए कहा कि जिस विभाग में पहले से भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे अधिकारी रहे हों, वहां पारदर्शिता की उम्मीद कम ही है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि “जो जितना बड़ा भ्रष्टाचारी, वो उतना बड़ा अधिकारी” वाली स्थिति राज्य में बन गई है।
संविदा कर्मियों को धमकाने का आरोप
पत्र में यह भी आरोप लगाया गया कि संविदा पर काम कर रहे कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की धमकी देकर फाइल आगे बढ़वाई गई। मरांडी ने कहा कि पहले जहां कर्मचारियों को दो साल का सेवा विस्तार मिलता था, अब सिर्फ छह महीने का विस्तार दिया जा रहा है ताकि विरोध की आवाज दबाई जा सके।
दोषी अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई हो
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि केवल निविदा रद्द करना काफी नहीं है, बल्कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो इसकी राजनीतिक और प्रशासनिक लपट सरकार तक भी पहुंच सकती है।







