गुमला/रांची: निशा भगत सुसाइड केस को लेकर झारखंड की राजनीति गरमा गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने इस मामले में राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के साथ बाबूलाल मरांडी गुमला स्थित निशा भगत के घर पहुंचे और उनके परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की। साथ ही पिठोरिया थाना प्रभारी और अजय तिर्की की गिरफ्तारी की मांग भी उठाई।
चार महीने पहले घर में हुई थी लूटपाट, FIR के बाद भी कार्रवाई नहीं
परिजनों से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में बाबूलाल मरांडी ने कहा कि निशा भगत के पिता से हुई बातचीत और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से कई गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने बताया कि करीब चार महीने पहले पिठोरिया स्थित निशा भगत के घर में लूटपाट की घटना हुई थी। इस दौरान घर का सामान बिखेर दिया गया था और सीसीटीवी कैमरे भी उखाड़ दिए गए थे।
मरांडी के अनुसार, इस घटना को लेकर परिजनों ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि निशा भगत को लगातार धमकियां मिल रही थीं। आत्महत्या से पहले सामने आए वीडियो में भी उन्होंने प्रशासन और अजय तिर्की पर गंभीर आरोप लगाए थे।
भू-माफिया और प्रशासन की भूमिका पर उठाए सवाल
बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि जमीन से जुड़े मामलों में आवाज उठाने के कारण निशा भगत को भू-माफिया और संबंधित लोगों की ओर से निशाना बनाया जा रहा था। उन्होंने निशा भगत को बहादुर बताते हुए कहा कि वह जमीन से जुड़ी कथित गलत गतिविधियों का विरोध कर रही थीं।
मरांडी ने पूरे मामले को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने मांग की कि पिठोरिया थाना प्रभारी और अजय तिर्की को तत्काल गिरफ्तार किया जाए, ताकि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से हो सके। हालांकि, इस संबंध में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग, सरकार पर साधा निशाना
इस दौरान बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्य सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है और जमीन से जुड़े विवादों में आम लोगों की शिकायतों पर पुलिस तथा प्रशासन गंभीरता से कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भू-माफिया लोगों की जमीन पर जबरन कब्जा कर रहे हैं, लेकिन थाने से लेकर अंचल और जिला प्रशासन तक लोगों को न्याय नहीं मिल रहा है। मरांडी ने आरोप लगाया कि जल, जंगल और जमीन के मुद्दे पर आवाज उठाने वाले लोगों को निशाना बनाया जा रहा है या झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि यदि सरकार अपराध पर नियंत्रण नहीं कर पा रही है, तो उसे सत्ता में बने रहने का अधिकार नहीं है।
फिलहाल निशा भगत की मौत का मामला राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना होगा कि राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन इन आरोपों पर क्या जवाब देते हैं और सीबीआई जांच की मांग पर क्या निर्णय लिया जाता है।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
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