Passport Citizenship Proof: क्या भारतीय पासपोर्ट (Indian Passport) नागरिकता का प्रमाण है या केवल विदेश यात्रा के लिए जारी किया जाने वाला दस्तावेज? विदेश मंत्रालय (MEA) के हालिया बयान के बाद देश में इसी मुद्दे पर नई बहस शुरू हो गई है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर और मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने सरकार के रुख पर सवाल उठाते हुए इसे लोगों के बीच भ्रम पैदा करने वाला बताया है।
शशि थरूर ने सरकार पर उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोशल मीडिया पर विदेश मंत्रालय के बयान को “बेतुका कानूनी विरोधाभास” बताया। उन्होंने कहा कि यदि पासपोर्ट देश के भीतर भारतीय नागरिकता का प्रमाण नहीं है, तो आखिर ऐसा कौन-सा दस्तावेज है जो नागरिकता का अंतिम सबूत माना जाएगा।
थरूर ने कहा कि वर्षों से पासपोर्ट को सबसे विश्वसनीय सरकारी पहचान दस्तावेज माना जाता रहा है। ऐसे में सरकार का यह बयान आम लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर सकता है।
जावेद अख्तर ने भी जताई आपत्ति
प्रसिद्ध गीतकार और लेखक जावेद अख्तर ने भी विदेश मंत्रालय के बयान पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है, तो क्या सरकार गैर-भारतीय नागरिकों को भी भारतीय पासपोर्ट जारी कर रही है? उनके मुताबिक यह तर्क समझ से परे है और सरकार को इस पर स्पष्टता देनी चाहिए।
24 जून को विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट का मुख्य उद्देश्य विदेश यात्रा के दौरान व्यक्ति की पहचान स्थापित करना है। यह भारतीय नागरिकता का अंतिम या निर्णायक प्रमाण नहीं माना जाता।
सरकार के इस बयान के बाद नागरिकता और पहचान से जुड़े दस्तावेजों को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
क्या पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है?
कानूनी रूप से भारत में ऐसा कोई एक दस्तावेज नहीं है जिसे हर नागरिक के लिए नागरिकता का अंतिम प्रमाण माना जाए। नागरिकता का निर्धारण नागरिकता कानून (Citizenship Act), सरकारी रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों के आधार पर किया जाता है।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट भी स्पष्ट कर चुका है कि आधार कार्ड केवल पहचान (Identity) का दस्तावेज है, नागरिकता (Citizenship) का नहीं।
पिछले 10 वर्षों में पासपोर्ट सेवा में बड़े बदलाव
विदेश मंत्रालय के अनुसार, पिछले एक दशक में पासपोर्ट सेवाओं में व्यापक सुधार किए गए हैं।
- देशभर में पासपोर्ट सेवा केंद्रों की संख्या 77 से बढ़कर 545 हो गई है।
- अब तक 47 करोड़ से अधिक ई-पासपोर्ट (e-Passport) जारी किए जा चुके हैं।
- सामान्य परिस्थितियों में पासपोर्ट जारी होने में औसतन 5 से 6 दिन का समय लग रहा है।
- भारतीय नागरिकों को 27 देशों में वीजा-फ्री एंट्री की सुविधा मिल रही है, जबकि 2019 में यह संख्या 16 थी।
पासपोर्ट पर क्यों छिड़ी है बहस?
विदेश मंत्रालय के बयान के बाद विपक्ष सरकार से पूछ रहा है कि यदि पासपोर्ट भी नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं है, तो आम नागरिक अपनी भारतीय नागरिकता किस दस्तावेज से साबित करेगा। वहीं सरकार का कहना है कि पासपोर्ट का उद्देश्य केवल अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान पहचान सुनिश्चित करना है, जबकि नागरिकता का निर्धारण अलग कानूनी प्रक्रिया और रिकॉर्ड के आधार पर किया जाता है।
इस मुद्दे को लेकर अब राजनीतिक बहस तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस पर सरकार और विपक्ष के बीच और तीखी चर्चा देखने को मिल सकती है।
कंटेंट राइटर एवं रिपोर्टर, खबर मन्त्र। झारखंड के स्थानीय समाचार, महिला विकास, कला और लाइफस्टाइल खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।









