BiharNews: पटना के चर्चित कारोबारी गोपाल खेमका की सनसनीखेज हत्या ने पूरे बिहार को हिला कर रख दिया है। शुक्रवार की रात करीब 11:30 बजे अपराधियों ने खेमका को उनके आवास के बाहर गोली मार दी। पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि उनकी हत्या की तैयारी अपराधियों ने 10 दिन पहले ही कर ली थी, लेकिन STF और दिल्ली पुलिस की एक बड़ी कार्रवाई के कारण प्लान को टालना पड़ा।
10 दिन पहले तय थी मौत की तारीख, STF की रेड ने बचा लिया
सूत्रों के अनुसार, बेऊर जेल में बंद कुख्यात अजय वर्मा और उसके गुर्गों ने गोपाल खेमका की हत्या की पूरी साजिश रच ली थी। शूटर और लाइनर लगातार खेमका की हर मूवमेंट पर नजर रखे हुए थे। हत्या के लिए दलदली रोड पर मीटिंग भी हुई, लेकिन STF और दिल्ली पुलिस की 24 जून की छापेमारी में अजय वर्मा और उसके चार गुर्गों के गिरफ्तार होने के कारण अपराधियों को प्लान बदलना पड़ा।
रेकी से लेकर शूटआउट तक… जानिए पूरी साजिश की टाइमलाइन
- रेकी के बाद टल गई पहली कोशिश: गोपाल खेमका की रेकी बांकीपुर क्लब तक की गई थी, लेकिन वहां भीड़भाड़ के चलते हत्या नहीं हो सकी।
- आवास के बाहर रची गई मौत की पटकथा: खेमका के क्लब से निकलते ही शूटर को अलर्ट किया गया। जैसे ही उन्होंने अपनी कार गेट के पास रोकी, शूटर ने पास जाकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
- बेऊर जेल में छापेमारी: पुलिस ने हत्या की साजिश में शामिल कई संदिग्धों से पूछताछ की है। हाजीपुर और पटना सिटी से तीन संदिग्ध हिरासत में लिए गए हैं।
सुपारी किलिंग का शक, बेटे की हत्या से भी जुड़ सकते हैं तार
खेमका हत्याकांड में सुपारी किलिंग का एंगल सामने आ रहा है। पुलिस को शक है कि यह हत्या उनके बेटे गुंजन खेमका की हत्या से भी जुड़ी हो सकती है। हालांकि पुलिस ने कहा है कि जांच पूरी होने पर ही सच्चाई सामने लाई जाएगी।
पुलिस बोली- “अपराधियों के बेहद करीब हैं”
एसआईटी लगातार पटना से लेकर हाजीपुर तक छापेमारी कर रही है। पुलिस का दावा है कि हत्यारों तक पहुंचने में अब ज्यादा वक्त नहीं लगेगा।












