Ranchi: झारखंड की रेल अवसंरचना के विकास में शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रांची रेल मंडल के दो प्रमुख Railway Station पिस्का और मुरी जंक्शन का ऑनलाइन लोकार्पण किया। दोनों स्टेशनों का अत्याधुनिक तरीके से पुनर्विकास किया गया है, जिससे यात्रियों को पहले से कहीं बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इसके साथ ही यह परियोजना राज्य में व्यापार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई रफ्तार देने वाली मानी जा रही है।
आनंद विहार की तर्ज पर विकसित हुआ पिस्का रेलवे स्टेशन
रांची शहर के रातू रोड और आसपास के लाखों लोगों के लिए अब रेल यात्रा पहले से अधिक सुविधाजनक होगी। पिस्का रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास दिल्ली के विश्वस्तरीय आनंद विहार रेलवे स्टेशन की तर्ज पर किया गया है।
स्टेशन पर आधुनिक प्लेटफॉर्म, आकर्षक वेटिंग एरिया, बेहतर यात्री सुविधाएं, सुव्यवस्थित प्रवेश द्वार और अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है। इससे न केवल यात्रियों को बेहतर अनुभव मिलेगा, बल्कि क्षेत्र में आवागमन और व्यावसायिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।
स्थानीय संस्कृति और आधुनिकता का संगम बना मुरी जंक्शन
वहीं मुरी जंक्शन को झारखंड की सांस्कृतिक पहचान के अनुरूप नया स्वरूप दिया गया है। स्टेशन की वास्तुकला में स्थानीय कला और विरासत की झलक दिखाई देती है, जबकि आधुनिक इंजीनियरिंग और विश्वस्तरीय सुविधाओं का भी समावेश किया गया है।
नई सुविधाओं के साथ मुरी स्टेशन अब सुरक्षा, सुगमता और यात्री सुविधाओं के मामले में आधुनिक रेलवे स्टेशनों की श्रेणी में शामिल हो गया है। यह स्टेशन भविष्य में औद्योगिक विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएगा।
पिस्का और मुरी स्टेशन में क्या-क्या बदला?
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत दोनों स्टेशनों में कई बड़े बदलाव किए गए हैं—
- स्टेशन भवनों को आधुनिक और आकर्षक फेसाड दिया गया।
- प्रवेश द्वार और पोर्च का नया डिजाइन तैयार किया गया।
- पूरे परिसर में रेट्रो-रिफ्लेक्टिव एलईडी लाइटिंग की व्यवस्था।
- स्टेशन तक पहुंचने वाले मार्गों का चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण।
- सर्कुलेटिंग एरिया और वाहन पार्किंग को अधिक व्यवस्थित बनाया गया।
- स्टेशन परिसर में स्थानीय कला, संस्कृति और विरासत को दर्शाने वाले डिजाइन शामिल किए गए।
यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई नई व्यवस्थाएं विकसित की गई हैं।
- आधुनिक फर्श और नए प्लेटफॉर्म शेल्टर।
- साफ-सुथरे और आधुनिक शौचालय।
- पर्याप्त संख्या में आरामदायक बेंच और पंखे।
- आईपी आधारित हाई-टेक सीसीटीवी कैमरों से सुरक्षा व्यवस्था।
- अत्याधुनिक यात्री सूचना प्रणाली।
- डिजिटल और इल्यूमिनेटेड साइनेज।
- स्थानीय यात्रियों के लिए नया प्रतीक्षालय।
- लंबी दूरी के यात्रियों के लिए प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के अलग वेटिंग रूम।
- आधुनिक एग्जीक्यूटिव लाउंज की सुविधा।
दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष इंतजाम
रेलवे ने स्टेशनों को पूरी तरह समावेशी बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया है।
- लिफ्ट और रैंप की सुविधा।
- हैंड रेल के साथ सुरक्षित आवागमन।
- दृष्टिबाधित यात्रियों के लिए टैक्टाइल पाथ।
- कम ऊंचाई वाले टिकट काउंटर।
- दिव्यांग अनुकूल शौचालय।
- व्हीलचेयर की उपलब्धता।
- आरक्षित पार्किंग और विशेष पेयजल बूथ।
व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि पिस्का और मुरी रेलवे स्टेशन के आधुनिक स्वरूप से केवल यात्रियों को ही फायदा नहीं होगा, बल्कि इससे रांची रेल मंडल के आसपास व्यापार, पर्यटन और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण निवेश, रोजगार और क्षेत्रीय विकास की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
झारखंड के लिए क्यों अहम है यह परियोजना?
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित किए गए पिस्का और मुरी Railway Station झारखंड में आधुनिक रेल अवसंरचना की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हैं। अत्याधुनिक सुविधाओं, स्थानीय संस्कृति के संरक्षण और यात्री-केंद्रित विकास मॉडल के साथ ये स्टेशन आने वाले वर्षों में राज्य की आर्थिक प्रगति और बेहतर रेल नेटवर्क की मजबूत आधारशिला साबित हो सकते हैं।








