क्या झारखंड की सड़कों पर अब कोई भी सुरक्षित नहीं?
राजधानी Ranchi से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने सड़क सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था दोनों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। दिनदहाड़े हाईवे पर तीन युवतियों की कार का कई किलोमीटर तक पीछा किया गया, रास्ता रोककर कार का शीशा तोड़ दिया गया और चालक को घायल कर दिया गया। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पीड़ित लगातार डायल-100 पर मदद मांग रही थीं, तब पुलिस आखिर समय पर क्यों नहीं पहुंची?
सिर्फ एक टक्कर… और शुरू हो गया खौफनाक पीछा
मंगलवार को जमशेदपुर से हजारीबाग जा रही तीन युवतियां अपनी कार से बुंडू होते हुए सूर्य मंदिर पहुंचीं। दोपहर करीब 12:27 बजे जैसे ही वे एनएच पर निकलीं, एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने उनकी कार को टक्कर मार दी।
पीड़ितों का आरोप है कि गलती स्कॉर्पियो चालक की थी, लेकिन माफी मांगने के बजाय दोनों युवक अभद्रता पर उतर आए। माहौल बिगड़ता देख युवतियां वहां से निकल गईं, लेकिन यहीं से शुरू हुआ डर का वह सिलसिला जिसे वे शायद जिंदगी भर नहीं भूल पाएंगी।
कई किलोमीटर तक पीछा, जान बचाने के लिए गलत दिशा में भी दौड़ी कार
युवतियों के मुताबिक स्कॉर्पियो सवार युवक लगातार उनका पीछा करते रहे। चालक ने बचने के लिए कार को रिवर्स कर गलत दिशा में भी मोड़ा, लेकिन आरोपी पीछे नहीं हटे।
दोपहर 12:33 बजे पीड़ितों ने डायल-100 पर कॉल कर पुलिस को पूरी जानकारी दी और स्कॉर्पियो का नंबर भी बताया। कंट्रोल रूम से सूचना आगे भेज दी गई, लेकिन मदद नहीं पहुंची।
पत्थर मारकर तोड़ा शीशा, चालक घायल
करीब 12:48 बजे दशम फॉल के पास आरोपियों ने कार रोक ली। पहले दरवाजा खुलवाने की कोशिश की गई और जब चालक ने दरवाजा नहीं खोला तो पत्थर मारकर ड्राइवर साइड का शीशा तोड़ दिया।
टूटे हुए कांच से चालक रणवीर सिंह घायल हो गए। युवतियां लगातार मदद के लिए चीखती रहीं। आसपास लोग जुटने लगे तो आरोपी मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद पहुंची पुलिस, अब उठ रहे कई सवाल
पीड़ितों का कहना है कि पुलिस घटना होने के करीब 10 मिनट बाद मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्कॉर्पियो जब्त कर ली है और आरोपियों की पहचान कर पूछताछ शुरू कर दी है।
ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी के मुताबिक सूचना मिलने के लगभग 20 मिनट बाद पुलिस मौके पर पहुंची। उनका कहना है कि क्षेत्र अंदरूनी होने के कारण पहुंचने में समय लगा। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
सबसे बड़ा सवाल…
अगर पीड़ितों की कॉल के तुरंत बाद पुलिस पहुंच जाती तो क्या यह हमला टाला जा सकता था?
क्या झारखंड के हाईवे पर महिलाओं की सुरक्षा सिर्फ दावों तक सीमित रह गई है?
और आखिर हाईवे पेट्रोलिंग उस वक्त कहां थी, जब कई किलोमीटर तक खुलेआम पीछा किया जा रहा था?
https://youtu.be/_g7hmlBHJsMhttps://youtu.be/_g7hmlBHJsM

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
वे विशेष रूप से कोयलांचल, BCCL, कोलियरियों, औद्योगिक क्षेत्रों, स्थानीय प्रशासन और जनहित के मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।
Expertise: Journalism • Digital Media • Ground Reporting • Content & Social Media • Video Production • News Analysis








