Ranchi News: राजधानी रांची की सड़कों पर बीते दिनों रामनवमी का उत्साह चरम पर था। हर तरफ भीड़, जुलूस और आस्था का माहौल था। लेकिन इसी भीड़ में कुछ गिरोह ऐसे भी सक्रिय थे, जिनकी नजर सिर्फ मौके पर थी। मौका मिलते ही उन्होंने कई लोगों को मिनटों में नुकसान पहुंचा दिया। दरअसल, मेन रोड पर शहीद चौक से लेकर अलबर्ट एक्का चौक, सुजाता चौक और ओवरब्रिज तक चोर गिरोह ने भीड़ का फायदा उठाते हुए जमकर चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया।
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Ranchi News: त्योहार खत्म, थानों में लगी भीड़
गिरोह इस कदर सक्रिय रहा कि त्योहार खत्म होते ही रांची के विभिन्न थानों में पीड़ितों की भीड़ उमड़ने लगी। कोई मोबाइल चोरी की शिकायत लेकर पहुंचा, तो कोई पर्स गायब होने की रिपोर्ट दर्ज कराने। सुबह से दोपहर 1 बजे तक कोतवाली थाना में ही करीब 80 आवेदन दर्ज किए जा चुके थे। कोतवाली के अलावा चुटिया थाना में 22 चोरी के आवेदन दर्ज हुए, जिनमें से 2 से 4 मोबाइल रिकवर किए गए। जांच में यह भी सामने आया कि 20 से 22 वर्ष के युवक इस गिरोह में शामिल थे। वहीं डोरंडा थाना में 2 गुमशुदगी, लोअर बाजार में 1, लालपुर में 4 और डेली मार्केट थाना में 2 चोरी के आवेदन दर्ज किए गए। कई लोग बिना शिकायत दर्ज कराए ही लौट गए।
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Ranchi News: सबसे ज्यादा वारदात इन इलाकों में
बातचीत में सामने आया कि फिरायालाल चौक से लेकर सरजना चौक के बीच सबसे ज्यादा मोबाइल चोरी की घटनाएं हुईं। पीड़ितों ने बताया कि वे परिवार के साथ जुलूस देखने गए थे और जैसे ही वीडियो बनाने के लिए मोबाइल निकाला, वह गायब हो चुका था। थाना पहुंचे कई लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर किसी अधिकारी का फोन चोरी हुआ होता, तो पुलिस 24 घंटे के भीतर गिरोह को पकड़ लेती और मोबाइल भी बरामद हो जाता। अधिकतर घटनाएं शाम 5 से 7 बजे के बीच की बताई जा रही हैं।
पुलिस जांच में जुटी, लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं
पुलिस का कहना है कि आवेदन दर्ज होने के बाद स्पेशल सेल की मदद से मोबाइल ट्रैक करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, हैरानी की बात यह है कि जुलूस के दौरान हर चौक-चौराहे पर भारी पुलिस बल तैनात था, इसके बावजूद अब तक गिरोह के किसी सदस्य की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
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साहिबगंज का तीनपहाड़ गिरोह पर शक
सूत्रों के मुताबिक, मोबाइल चोरी में साहिबगंज के तीनपहाड़ क्षेत्र का गिरोह काफी सक्रिय है। दावा किया जा रहा है कि इसी गिरोह के सदस्यों ने इन घटनाओं को अंजाम दिया है। यह गिरोह घटना को अंजाम देने के बाद आसानी से अपने इलाके में लौट जाता है, जहां तक पुलिस की पहुंच बेहद सीमित बताई जाती है। जानकारी के अनुसार, अगर पुलिस इस गिरोह के कुछ सदस्यों को गिरफ्तार भी करती है, तो उन्हें छुड़ाने के लिए कई अधिवक्ता थाना पहुंच जाते हैं। यही वजह है कि इस गिरोह का मनोबल लगातार बढ़ता जा रहा है और हर त्योहार में ऐसी घटनाएं दोहराई जाती हैं।
Ranchi News: मोबाइल चोरी के बाद क्या होता है?
बताया जाता है कि चोरी के बाद मोबाइल को पहले रीसेट किया जाता है, फिर उसके पार्ट्स अलग कर दिए जाते हैं। यहां तक कि मदरबोर्ड भी बदल दिया जाता है, ताकि पुलिस ट्रैक न कर सके। इसके बाद कुछ फोन का इस्तेमाल गिरोह के सदस्य खुद करते हैं और बाकी को नेपाल और बांग्लादेश तक भेज दिया जाता है।
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एक पीड़ित दुकानदार ने बताया कि 2008-09 में भी इसी गिरोह ने उनकी दुकान से लाखों की चोरी की थी। जांच में उस वक्त भी तीनपहाड़ गिरोह का नाम सामने आया था, लेकिन आज तक चोरी गए सामान का कोई सुराग नहीं मिला। सीनियर रिपोर्टर ने बताया कि, यह गिरोह अपने इलाके में इतना मजबूत है कि पुलिस को वहां प्रवेश करने में भी कठिनाई होती है। इलाके के लोग मुख्य रूप से मजदूरी करते हैं, लेकिन उनके घरों में ऐसी, फ्रिज, और टीवी के साथ हर एक सुविधाएं मौजूद हैं। इससे गिरोह की कार्यशैली पर सवाल खड़े होते हैं।
क्या हर त्योहार में दोहराए जाएंगे ऐसे हालात?
रामनवमी के बाद सामने आए इन आंकड़ों ने पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस गिरोह पर लगाम कस पाती है या हर त्योहार के बाद लोग इसी तरह थानों के चक्कर लगाते रहेंगे।











