झारखंड की राजधानी रांची स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने के मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी अमन अंसारी उर्फ गोलू ने पुलिस पूछताछ में कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। आरोपी ने स्वीकार किया है कि पूरी साजिश के तार दुबई, पंजाब, झारखंड और उत्तर प्रदेश तक जुड़े हुए हैं। पुलिस के अनुसार इस हमले का मकसद राज्य में सांप्रदायिक तनाव फैलाने के बाद उत्तर प्रदेश के कानपुर और लखनऊ में भी बड़ी वारदात को अंजाम देना था।
गरीबी और लालच ने बनाया अपराधी
पुलिस पूछताछ में अमन अंसारी ने बताया कि पिता की मृत्यु और आर्थिक तंगी के कारण उसकी पढ़ाई आठवीं कक्षा में ही छूट गई थी। इसके बाद वह मुंबई और फिर दुबई में एसी मैकेनिक के रूप में काम करने लगा। दुबई में काम करने के दौरान उसकी मुलाकात कई लोगों से हुई, जिनके जरिए वह कथित साजिशकर्ताओं के संपर्क में आया।
भारत लौटने के बाद वह मजदूरी कर रहा था, तभी उसे मोटी रकम का लालच देकर बड़ी घटना को अंजाम देने की पेशकश की गई।
व्हाट्सएप कॉल से मिला मिशन, पंजाब से हथियार लाने का मिला निर्देश
आरोपी के मुताबिक, जून 2026 में आवेश राजपूत उर्फ राणा जी ने व्हाट्सएप के जरिए संपर्क कर झारखंड में बड़ी घटना कराने और पंजाब से हथियार लाने की बात कही। इसके बदले भारी रकम देने का वादा किया गया।
साजिश के लिए बैंक खाते, फर्जी सिम कार्ड और नए व्हाट्सएप अकाउंट का भी इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि निर्देश देने के लिए अलग मोबाइल नंबर और ओटीपी का उपयोग किया गया ताकि पहचान छिपी रहे।
पंजाब गया लेकिन हथियार नहीं मिले
राणा जी के निर्देश पर अमन पंजाब के अमृतसर पहुंचा, जहां उसने अपने दो दोस्तों सैफ अंसारी और सायम सुजान को भी इस साजिश में शामिल कर लिया। हालांकि हथियार मिलने में देरी और योजना बदलने के कारण उसे वापस झारखंड लौटने को कहा गया।
RSS कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने की बनाई गई योजना
15 जून की रात कथित मास्टरमाइंड ने अमन को रांची स्थित आरएसएस कार्यालय की तस्वीर और लोकेशन भेजकर हमला करने का निर्देश दिया। इस काम के बदले तीनों आरोपियों को 50-50 हजार रुपये देने का वादा किया गया।
16 जून को तीनों आरोपी रांची पहुंचे और पेट्रोल, खाली बोतल, कपड़ा और अन्य सामान खरीदकर कांटाटोली के एक होटल में दो पेट्रोल बम तैयार किए।
वीडियो बनाकर भेजा गया हमला
पुलिस के अनुसार, आरोपियों को घटना का वीडियो बनाकर भेजने का भी निर्देश मिला था। पहली बार फेंका गया पेट्रोल बम नहीं फटा तो कथित मास्टरमाइंड ने फोन पर डांट लगाई और दूसरा बम फेंकने को कहा। इसके बाद दूसरा पेट्रोल बम फेंका गया और पूरी घटना का वीडियो व्हाट्सएप के जरिए भेज दिया गया।
सबूत मिटाने की कोशिश, कानपुर-लखनऊ जाने का मिला आदेश
घटना के बाद आरोपियों ने कपड़े बदलकर पुराने कपड़ों को छिपा दिया। इसके बाद उन्हें झारखंड छोड़कर कानपुर जाने और वहां से लखनऊ में अगली बड़ी घटना की तैयारी करने का निर्देश मिला था।
हालांकि पुलिस ने कोडरमा के पास ट्रेन से भागने की कोशिश कर रहे अमन अंसारी और सैफ अंसारी को गिरफ्तार कर लिया।
मोबाइल से मिले अहम डिजिटल सबूत
पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। प्रारंभिक जांच में व्हाट्सएप कॉल लॉग, चैट और सोशल मीडिया के कई डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिनकी जांच जारी है। पुलिस फरार आरोपियों और कथित अंतरराज्यीय नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
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